नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। फैशन समारोहों में फिल्म सेलेब्रिटीज और खिलाड़ियों को शो स्टॉपर्स के तौर पर चुनना बेहद आम हो गया है। लेकिन फैशन डिजाइनर वरुण बहल का मानना है कि शो की सफलता के लिए यह जरूरी नहीं है।
नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। फैशन समारोहों में फिल्म सेलेब्रिटीज और खिलाड़ियों को शो स्टॉपर्स के तौर पर चुनना बेहद आम हो गया है। लेकिन फैशन डिजाइनर वरुण बहल का मानना है कि शो की सफलता के लिए यह जरूरी नहीं है।
बहल ने आईएएनएस से एक साक्षात्कार में कहा, “भारत में बॉलीवुड और फैशन एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और ट्रेंड्स और स्टाइल्स के छाने में सेलेब्रिटीज का काफी हाथ होता है। लेकिन मैं संग्रह को सेलेब्रिटी से जोड़ने में तभी यकीन रखता हूं जब वह उसके अनुरूप हो।”
एफडीसीआई इंडिया कॉत्यूर वीक (आईसीडब्ल्यू) 2016 के प्रतिभागियों में शामिल डिजाइनर ने कहा, “मुझे लगता है कि शो की सफलता के लिए सेलेब्रिटी शो स्टॉपर जरूरी नहीं है, लेकिन अगर यह शो की अवधारणा के अनुकूल हो तो मुझे इससे कोई परहेज भी नहीं है।”
करीना कपूर खान, माधुरी दीक्षित नेने, अदिति राव हैदरी, निमरत कौर और कृति सेनोन जैसी अभिनेत्रियां बहल के डिजाइन्स पहनकर जलवा बिखेर चुकी हैं। वह परिधानों में फूलों के पिंट्र्स को आधुनिक टच के साथ बेहद नवीनता से प्रयोग करने में माहिर हैं।
क्या कॉत्यूर केवल ब्राइडल परिधानों पर ही आधारित है, यह पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “कोई भी इस बात से इंकार नहीं कर सकता कि भारत में कॉत्यूर बाजार मुख्य रूप से ब्राइडल परिधानों पर ही केंद्रित है। दोनों को एक ही सिक्के के दो पहलू समझा जाता है।”
उन्होंने कहा, “ऐसा मुख्य रूप से इसलिए है क्योंकि देश में शादी का बाजार काफी बड़ा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।”
डिजाइनर ने कहा, “कॉत्यूर मोटी कीमतों से जुड़ा है, इसलिए लोग ज्यादातर इन्हें शादी से जुड़े उत्सवों के लिए ही खरीदते हैं।”
उन्होंने कहा, “एक ब्रांड के तौर पर हम शुरू से ही कॉत्यूर को रोजमर्रा के वॉर्डरोब के हिस्से के रूप में मशहूर करने का प्रयास करते रहे हैं।”
बहल के मुताबिक, नई दिल्ली और मुंबई के लोगों में फैशन की समझ के मामले में फर्क केवल मिथ्या है।
उन्होंने कहा, “दोनों शहर देश के स्टाइल का केंद्र हैं। दोनों शहरों के अलग स्टाइल हैं और लोग नए लुक के साथ प्रयोग करने के लिए तैयार हैं।”
dharmpath.com dharmpath