मुंबई, 18 जनवरी (आईएएनएस)। कर्नाटिक संगीत के दिग्गज संगीतकार संत त्यागराज की 170वीं पुण्यतिथि के अवसर पर यहां लगभग 100 वाद्य कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। इन वाद्यों में वीणा, गटमस, मृदंगम, वायलिन और अन्य वाद्य यंत्र शामिल थे। इसके अलावा गायकों ने संत त्यागराज द्वारा संगीतबद्ध पंचरत्न कृति का गायन भी प्रस्तुत किया।
मुंबई, 18 जनवरी (आईएएनएस)। कर्नाटिक संगीत के दिग्गज संगीतकार संत त्यागराज की 170वीं पुण्यतिथि के अवसर पर यहां लगभग 100 वाद्य कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। इन वाद्यों में वीणा, गटमस, मृदंगम, वायलिन और अन्य वाद्य यंत्र शामिल थे। इसके अलावा गायकों ने संत त्यागराज द्वारा संगीतबद्ध पंचरत्न कृति का गायन भी प्रस्तुत किया।
तंजावुर मराठा साम्राज्य के तिरुवरुर में जन्मे काकरला त्यागब्रह्मम (4 मई, 1767- 6 जनवरी, 1847) कर्नाटिक संगीत के एक महान संगीतकार थे, जिन्होंने पंचरत्न कृति की रचना की और बाद में उन्हें संत त्यागराज के नाम से पुकारा गया।
मंगलवार देर रात तक चले इस संगीत कार्यक्रम में कर्नाटिक संगीत के 2,000 से अधिक प्रेमियों ने विशाल षणमुखानंद हाल में संगीत का रसास्वादन किया।
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