भुवनेश्वर, 25 दिसम्बर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गिरफ्तार अलकायदा संदिग्ध के संपर्को की न्यायिक जांच कराने की मांग की है, दूसरी ओर ओडिशा पुलिस ने शुक्रवार को इस बात से इंकार किया कि संदिग्ध इस अक्टूबर में राज्य सचिवालय आया था।
पुलिस आयुक्त आर.पी. शर्मा ने कहा कि संदिग्ध आतंकवादी अब्दुल रहमान कभी भी सचिवालय नहीं आया था।
शर्मा ने यहां मीडियाकर्मियों से कहा, “ए. रहमान नामक एक व्यक्ति ने सात अक्टूबर को रात 11.15 बजे सचिवालय का दौरा किया था। लेकिन वह कटक के पश्चिम कच्छा गांव का ए. रहमान नहीं है। ए. रहमान कटक के मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी के यहां एक चपरासी के रूप में काम करता है।”
शर्मा ने यह भी कहा कि पूछताछ के दौरान रहमान ने कहा कि वह कभी राज्य सचिवालय नहीं गया। रहमान इस समय 12 दिनों के लिए दिल्ली पुलिस की हिरासत में है।
शर्मा ने कहा, “दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने हमें सूचित किया कि रहमान ने पूछताछ के दौरान कहा कि वह कभी ओडिशा सचिवालय नहीं गया।”
विपक्षी कांग्रेस और भाजपा ने मीडिया रपटों का जिक्र करते हुए गुरुवार को आरोप लगाया था कि रहमान ने राज्य सचिवालय का दौरा किया था और उसके सत्ताधारी बीजू जनता दल (बीजद) के नेताओं के साथ कथित संपर्क हैं। इसमें कुछ मंत्री भी शामिल हैं।
इस बीच भाजपा ने शुक्रवार को मांग की कि ओडिशा उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश से इस मुद्दे की न्यायिक जांच कराई जाए।
भाजपा के वरिष्ठ नेता बिश्वभूषण हरिचंदन ने कहा कि पूरे मामले की एक न्यायिक जांच कराने की जरूरत है।
उन्होंने रहमान और उसके आतंकवादी संपर्को के बारे में जानकारी हासिल करने में विफलता के लिए राज्य खुफिया शाखा को भी जिम्मेदार ठहराया।
भाजपा के एक अन्य वरिष्ठ नेता बिजय महापात्रा ने भी रहमान के मुद्दे को लेकर राज्य खुफिया शाखा की आलोचना की।
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