चेन्नई, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूर्व केंद्रीय मंत्री दयानिधि मारन, उनके भाई कलानिधि मारन, उनकी पत्नी कावेरी कलानिधि और समूह की कंपनियों की 742.58 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने के मामले पर सन टीवी समूह ने शुक्रवार को भी कोई प्रतिक्रिया नहीं की। दयानिधि मारन ने हालांकि इसे राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित कार्रवाई बताया।
दूसरे दिन भी समूह के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले पर अपना मुंह नहीं खोला। समूह के चैनल हालांकि चालू हैं।
पूर्व केद्रीय दूरसंचार मंत्री और डीएमके नेता दयानिधि मारन ने ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से प्रेरित बताया है।
इस प्रकरण का सन टीवी के शेयरों पर क्या प्रभाव पड़ता है, इसका पता सोमवार को बाजार खुलने के बाद ही लग पाएगा।
एक अप्रैल को सन टीवी के शेयर बंबई स्टॉक एक्सचेंज में 453.85 रुपये पर बंद हुए थे।
सन टीवी में कलानिधि मारन की 75 फीसदी हिस्सेदारी है।
ईडी ने बुधवार को एयरसेल-मैक्सिस सौदे के मामले में संपत्ति जब्त करने की घोषणा की थी।
दयानिधि मारन ने कहा है कि ईडी ने जो संपत्ति जब्त की है, वह कथित अपराध से पहले की है।
दयानिधि मारन के मुताबिक, केंद्र सरकार की अनुमति से ही विदेशी कंपनियां भारतीय कंपनियों में निवेश कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि एयरसेल-मैक्सिस सौदे में कुछ भी छिपा हुआ नहीं है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि वह इस मामले में मुकदमा लड़ेंगे और उनकी जीत होगी।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का आरोप है कि दयानिधि मारन ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर एयरसेल के प्रमोटर सी. शिवशंकरन को अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए विवश किया और मलेशियाई कारोबारी टी. आनंद कृष्णन को एयरसेल का अधिग्रहण करने में मदद की।
शिवशंकरन ने आरोप लगाया है कि दयानिधि मारन ने मैक्सिस समूह को उनकी कंपनी का अधिग्रहण करने में मदद की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि मैक्सिस ने एस्ट्रो नेटवर्क के जरिए एक कंपनी में निवेश किया है, जो कथित तौर पर मारन परिवार की कंपनी है।
सीबीआई द्वारा 29 अगस्त, 2014 को दखिल आरोप पत्र में चार अन्य कंपनियों को भी नामजद किया गया है, जिसमें चेन्नई की कंपनी सन डायरेक्ट टीवी, ब्रिटेन की एस्ट्रो ऑल एशिया नेटवर्क्स, मलेशिया की मैक्सिस कम्युनिकेशंस बेरहर्ड और मॉरीशस की साउथ एशिया एंटरटेनमेंट होल्डिंग्स शामिल है।
उन्होंने आरोपियों को भारतीय दंड संहिता के तहत आपराधिक षड़यंत्र और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत नामजद किया है।
ईडी ने बुधवार को कहा कि जांच से पता चला है कि मॉरीशस की कंपनियों द्वारा दयानिधि मारन के लिए 742.28 करोड़ रुपये रिश्वत के रूप में दो कंपनियों-सन डायरेक्ट टीवी प्राइवेट लिमिटेड (एसडीटीपीएल) और साउथ एशिया एफएम लिमिटेड (एसएएफएल)- को भुगतान किए गए थे।
दोनों कंपनियों के मालिक कलानिधि मारन हैं। इस राशि का उपयोग उनके कारोबार और निवेश में किया गया।
सीबीआई ने मारन बंधुओं और उनकी कंपनियों के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल कर दिया है, जिसमें विदेशी कंपनियां भी शामिल हैं।
ईडी ने कहा कि प्रीवेंशन ऑफ मनी लाउंडरिंग एक्ट (पीएमएलए) के प्रावधानों के मुताबिक, दयानिधि मारन को दी गई रिश्वत जब्त कर ली गई है।
ये दोनों एसडीटीपीएल के 80 फीसदी हिस्सेदार हैं।
एसएएफएल के हिस्सेदारों में हैं -सन टीवी नेटवर्क लिमिटेड (60 फीसदी), ए. एच. मल्टीसॉफ्ट प्राइवेट लिमिटेड और मॉरीशस की साउथ एशिया मल्टीमीडिया टेक्न ोलॉजीज लिमिटेड (20 फीसदी प्रत्येक)।
ईडी के मुताबिक, कलानिधि मारन और कावेरी कलानिधि की काल कम्युनिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड में क्रमश: 90 फीसदी और 10 फीसदी हिस्सेदारी है।
ईडी के मुताबिक, पीएमएलए की धारा 5(1) के तहत निम्नलिखित संपत्तियों की जब्ती की गई है :
1. दयानिधि मारन तथा अन्य की सावधि जमा 7.47 करोड़ रुपये।
2. एसडीटीपीएल की सावधि जमा 31.34 करोड़ रुपये।
3. एसएएफएल की सावधि जमा 6.19 करोड़ रुपये।
4. एसएएफएल का म्युचुअल फंड 15.14 करोड़ रुपये।
5. कलानिधि मारन की सावधि जमा 100 करोड़ रुपये।
6. कलानिधि मारन का म्युचुअल फंड 2.78 करोड़ रुपये।
7. कावेरी कलानिधि की सावधि जमा 1.3 करोड़ रुपये।
8. कावेरी कलानिधि का म्युचुअल फंड 1.78 करोड़ रुपये।
9. काल कम्युनिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड की भूसंपत्ति और भवन- 171.55 करोड़ रुपये।
10. सन नेटवर्क टीवी प्राइवेट लिमिटेड की फ्री-होल्ड जमीन और भवन 266 करोड़ रुपये।
11. एसडीटीपीएल में कलानिधि मारन की हिस्सेदारी- 139 करोड़ रुपये।
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