कोलंबो, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। अल्पसंख्यक मुद्दों पर संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत रिटा इसाक-दियाये ने सोमवार को श्रीलंका का दौरा शुरू किया। विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी है।
श्रीलंका में नस्ली, धार्मिक व भाषाई अल्पसंख्यकों के हालात का आकलन करने के लिए इसाक-दियाये 20 अक्टूबर तक श्रीलंका में रहेंगी।
अपने श्रीलंका दौरे को लेकर संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत ने विदेश मंत्री मंगला समरवीरा से बातचीत की थी।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के एक स्वतंत्र विशेषज्ञ ने कहा, “अनुभव के मुताबिक, नस्ली संघर्ष के कारण एक बार विभाजित हो चुके श्रीलंका जैसे देश में दीर्घकालिक शांति व सुलह तक पहुंचने में अगर अपेक्षित सफलता नहीं मिली, तो अल्पसंख्यकों के अधिकारों को बढ़ावा देना और उन्हें मान्यता देना मुश्किल है।”
उन्होंने कहा कि श्रीलंका के गृहयुद्ध के मूल में रही दीर्घकालिक शिकायतों पर विचार करने के लिए जवाबदेही तथा सुलह को लेकर किसी भी तरह के प्रयासों की सावधानी पूर्वक जांच की जानी चाहिए। और यह इस कदर हो कि इसमें देश के अल्पसंख्यकों के अधिकारों का संरक्षण हो और उसे बढ़ावा मिले।
कुल 10 दिनों के मिशन के दौरान, विशेषज्ञ कोलंबो के अलावा, देश के उत्तरी, उत्तर मध्य, पूर्वी तथा मध्य प्रांतों का दौरा करेंगे और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनेंगे।
विशेष दूत मार्च 2017 में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद को पूरी रपट सौंपेंगी।
उल्लेखनीय है कि श्रीलंका नस्ली संघर्ष का शिकार रहा है, जिसका मई 2009 में सेना द्वारा तमिल टाइगर्स के खात्मे के साथ अंत हुआ। दशकों चली लड़ाई व हिंसा में हजारों लोग मारे गए व घायल हुए थे।
dharmpath.com dharmpath