नई दिल्ली, 15 दिसंबर (आईएएनएस)।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को संसद का शीतकालीन सत्र सकारात्मक बहस के साथ सार्थक रहने की उम्मीद जताई।
मोदी ने संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले मीडिया को बताया, “सदन में अच्छी बहस होनी चाहिए। सकारात्मक बहस होनी चाहिए और नए सुझावों के साथ बहस होनी चाहिए क्योंकि केवल तभी संसद के समय का देशहित में उपयोग हाोगा।”
उन्होंने कहा कि इस सत्र में सरकार की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर चर्चा की जाएगी, जिनका देश पर दूरगामी प्रभाव होगा।
संसद का शीतकालीन सत्र पांच जनवरी, 2018 तक चलेगा।
मोदी ने कहा, “मैं इसे लेकर आश्वस्त हूं और कल सर्वदलीय बैठक थी, जिसमें एकमत से फैसला लिया गया कि देश को आगे ले जाने के लिए संसद को सही तरीके से काम करना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “मुझे यह भी उम्मीद है कि यदि सदन सकारात्म ढंग से कामकाज करेगा तो इससे देश को लाभ होगा, लोकतंत्र मजबूत होगा और आम लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए नए विश्वास का संचार होगा।”
उन्होंने कहा कि आमतौर पर संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत दिवाली के साथ होती है लेकिन ग्लोबल वार्मिग और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों की वजह से इन दिनों अत्यधिक ठंड महसूस नहीं हो रही है।
मोदी ने कहा, “हमारा शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है। मुझे विश्वास है कि संसद के इस शीतकालीन सत्र में सरकार के कई महत्वपूर्ण मुद्दे संसद पटल पर रखे जाएंगे, जिनका दूरगामी प्रभाव होगा।”
संसद सत्र शुक्रवार को शुरू हो गया लेकिन दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि देने के बाद लोकसभा की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
वहीं, राज्यसभा जनता दल (युनाइटेड) के नेता शरद यादव को अयोग्य घोषित करने के मुद्दे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने पूर्ववर्ती मनमोहन सिंह पर लगाए गए आरोपों को लेकर सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित कर दी गई।
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