नई दिल्ली, 24 जुलाई (आईएएनएस)। संसद में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस एक-दूसरे को गतिरोध के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, लग रहा है, जैसे दोनों पार्टियों की भूमिका बदल गई हो। सत्तापक्ष हंगामे का जवाब हंगामे से दे रहा है।
कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दिनों में भी संसद में ऐसे गतिरोध देखे गए थे, जब कई संसद सत्र हंगामें की भेंट चढ़ गए, तथा मानसून सत्र के पहले चार दिनों में कोई कामकाज नहीं हो सका।
न सिर्फ विपक्ष, बल्कि सरकार भी आक्रामक नजर आई, जिससे हंगामे का जवाब हंगामे तथा नारेबाजी का जवाब नारेबाजी के रूप में दिया गया।
इधर, शुक्रवार को मोदी सरकार ने कांग्रेस पर गैरजिम्मेदार विपक्ष होने का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने भाजपा को याद दिलाया कि इसने कैसे 15वीं लोकसभा में सदन की कार्यवाही बाधित की थी।
कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने भाजपा और विशेषकर वित्त मंत्री अरुण जेटली और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पर ‘याददाश्त खो जाने’ का आरोप लगाया।
शर्मा ने आईएएनएस से कहा कि भाजपा को यह याद रखना चाहिए कि इसने विपक्ष में 10 साल तक रहते हुए विभिन्न मांगों को लेकर संसद की कार्यवाही बाधित की थी।
उन्होंने कहा, “भाजपा सदस्यों ने संसद के कई सत्र को खराब किया, जब वे खुद विपक्ष में थे। हमारे खिलाफ आरोप आधारहीन हैं।”
इधर, संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने हालांकि, इससे इनकार किया।
नकवी ने आईएएनएस को बताया, “हमारे प्रदर्शन तथा उनके प्रदर्शन में कोई समानता नहीं है। हमारी मांग स्पष्ट थी। हम जेपीसी चाहते थे। हम चर्चा चाहते थे, इस समय पता नहीं चल रहा है कि कांग्रेस क्या चाहती है।”
वहीं, कांग्रेस की राज्यसभा सांसद रेणुका चौधरी ने कहा, “हम संसद को बाधित नहीं करना चाहते। हमने सरकार को एक विकल्प दिया है। निष्पक्ष जांच के लिए हम इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।”
इधर, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के डी.राजा ने कहा, “मुद्दे और हालात अलग है। सरकार विपक्ष को सुनने की जगह जैसे को तैसा वाला रवैया अपना रही है। वे खुद हंगामा कर रहे हैं, संसद इस तरह नहीं चल सकता।”
वहीं, आंकड़ों पर गौर करें तो संप्रग के पिछले कुछ संसद सत्र की तुलना में राजग के पहले एक साल के कार्यकाल में ज्यादा काम हुआ है।
शर्मा ने कहा, “भाजपा गैर जिम्मेदार विपक्ष थी। पिछले एक साल में अगर राजग सरकार ने कोई विधेयक पारित किया है, तो इसका श्रेय कांग्रेस को जाता है।”
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे की मांग को दोहरात हुए माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि यह मानदंड तो भाजपा ने विपक्ष में रहते ही बनाया है।
उन्होंने कहा, “जब भी भ्रष्टाचार के आरोपों की बात होती है, क्यों कोई मंत्री इस्तीफा नहीं देता?इन लोगों को इस्तीफा देना चाहिए या उन्हें हटाया जाना चाहिए। यह मानदंड भाजपा ने विपक्ष में रहते बनाए थे।”
संप्रग सरकार के कार्यकाल में 15वीं लोकसभा में 2जी स्पेक्ट्रम, कोयला ब्लॉक, खुदरा बाजार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, तेलंगाना की मांग, राष्ट्र मंडल खेल को लेकर सदन में हंगामा हुआ था, जो पिछले 50 साल में सबसे कम लाभदायी सत्र साबित हुआ था।
पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के मुताबिक, हालांकि, राजग सरकार का रिकार्ड अब तक ठीक रहा है, हाल के वर्षो के मुकाबले बजट सत्र लाभदायी रहा।
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