दार्जिलिंग, 8 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के उत्तरी पर्वतीय इलाके में पृथक गोरखालैंड राज्य की मांग के समर्थन में बंद का आह्वान करने वाले संगठन गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) ने शनिवार को राज्य सरकार और पुलिस द्वारा ‘शक्ति के दुरुपयोग’ और मानवाधिकार उल्लंघन की ‘चौंकाने वाली’ घटनाओं पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) से हस्तक्षेप करने के लिए कहा।
जीजेएम की केंद्रीय समिति ने एनएचआरसी को लिखी चिट्ठी में पुलिस पर ‘इलाके में लोगों को परेशान करने के एकमात्र उद्देश्य से’ इस पर्वतीय हिस्से में दवाओं और बेबी फूड जैसी मूलभूत जरूरत की चीजों की आपूर्ति रोकने का आरोप लगाया।
जीजेएम ने कहा, “सिक्किम से आने वाले वाहनों को निशाना बनाए जाने की कई खबरें आई हैं।”
जीजेएम ने अपनी चिट्ठी में कहा है, “प्रशासन और पुलिस अधिकारियों द्वारा इस तरह के कार्य पूरी तरह मानवाधिकारों का उल्लंघन है। राज्य की पुलिस अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर दार्जिलिंग में रह रहे लोगों की जिंदगी जोखिम में डाल रही है। इसलिए हम चाहते हैं कि आप (एनएचआरसी) जल्द से जल्द मामले में हस्तक्षेप करें और राज्य सरकार को निर्देश दें कि वे इस तरह के काम न करें।”
जीजेएम ने कहा, “हम आपसे (एनएचआरसी) अनुरोध करते हैं कि मामले की उपयुक्त जांच के लिए एक टीम दार्जिलिंग भेजें।”
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