नई दिल्ली, 22 जनवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस ने रविवार को उन आरोपों से इंकार किया, जिनमें कहा गया है कि उसने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन पर बातचीत के लिए हल्के नेताओं को भेजा।
नई दिल्ली, 22 जनवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस ने रविवार को उन आरोपों से इंकार किया, जिनमें कहा गया है कि उसने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन पर बातचीत के लिए हल्के नेताओं को भेजा।
मीडिया में आई कुछ रपटों पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने कहा कि ये रपटें गलत हैं। रपटों में कहा गया है कि सपा नेतृत्व वार्ता की मेज पर प्रशांत किशोर और धीरज श्रीवास्तव को देखकर भड़क गया, क्योंकि कांग्रेस की निर्णय प्रक्रिया में दोनों की कोई जगह नहीं है।
पटेल ने ट्वीट किया, “यह कहना गलत है कि कांग्रेस पार्टी की ओर से हल्के दर्जे के नेता बातचीत कर रहे थे। बातचीत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के प्रभारी पार्टी महासचिव और प्रियंका गांधी के बीच उच्चस्तर पर हुई थी।”
पटेल ने कहा, “मैंने समाजवादी पार्टी के किसी नेता से बात नहीं की है। खबरों में गलत जानकारी दी गई है।”
मीडिया रपटों के अनुसार, अखिलेश यादव के करीबी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि सपा सीटों के बंटवारे पर बातचीत के लिए कुछ बड़े कांग्रेसी नेताओं के आने की उम्मीद कर रही थी, और बातचीत की मेज पर कांग्रेस कार्यकारिणी के भी किसी नेता को न पाकर अखिलेश ने बुरा महसूस किया।
कथित तौर पर स्थिति तब सुधरी जब सोनिया गांधी ने हस्तक्षेप किया और अखिलेश से फोन पर बात की।
सपा और कांग्रेस ने रविवार को औपचारिक तौर पर घोषणा की कि वे उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ेंगी, और गठबंधन के तहत सपा को 298 और कांग्रेस को 105 सीटें मिली हैं।
dharmpath.com dharmpath