नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (वीएमएमसी) और सफदरजंग अस्पताल दो दिवसीय उन्नत मेरुदंड (स्पाइन) कार्यशाला का आयोजन करेंगे। इसमें देश भर से 500 मेरुदंड शल्य चिकित्सक भाग लेंगे, जिसमें कई तरह के मेरुदंड संबंधी विकृतियों में सुधार पर चर्चा की जाएगी।
यह कार्यक्रम 25 मार्च से शुरू हो रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में यह अपनी तरह का पहला कार्यक्रम है।
वीएमसीसी और सफदरजंग अस्पताल में सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ आर्थोपेडिक्स के निदेशक-प्रोफेसर रमेश कुमार ने कहा, “दो दिवसीय उन्नत मेरुदंड कोर्स का आयोजन सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ आर्थोपेडिक्स की स्पाइन यूनिट द्वारा किया जा रहा है। इसमें मेरुदंड विकृतियों में सुधार के लिए शल्य चिकित्सा की विशेष क्षेत्रों पर चर्चा की जाएगी।”
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में कैफोसिस (कूबड़) पर सजीव शल्य चिकित्सा का प्रदर्शन किया जाएगा।
कुमार के अनुसार, कैफोसिस जन्मजात, विकासात्मक, क्षय रोग के बाद या घाव के बाद हो सकता है।
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