नई दिल्ली, 2 दिसम्बर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि देश में सभी डीजल आधारित यात्री वाहनों की अगले छह महीनों में उत्सर्जन जांच की जाएगी।
फोक्सवैगन ग्रुप इंडिया द्वारा उत्सर्जन नियमों का उल्लंघन स्वीकार किए जाने के बाद सरकार ने यह घोषणा की है।
फोक्सवैगन ने बड़े पैमाने पर डीजल यात्री वाहनों के रिकॉल की घोषणा की है।
केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री अनंत गीते ने कहा कि वह ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) को अगले छह महीने में सभी डीजल यात्री वाहनों की उत्सर्जन जांच करने के लिए कहेंगे।
गीते ने यहां कहा, “अगले छह महीने में हम सभी डीजल यात्री वाहनों के उत्सर्जन स्तर की जांच करेंगे।”
मंगलवार को फोक्सवैगन ग्रुप इंडिया ने भारतीय बाजार में ईए 189 इंजन वाली सभी कारों को ठीक करने के लिए वोलंटरी रिकॉल की घोषणा की। नवंबर अंत तक फोक्सवैगन, स्कोडा और ऑडी की भारत में करीब 3,23,700 कारों में ईए 189 डीजल इंजन लगे हुए थे।
कंपनी के 2008 से नवंबर 2015 तक के आंकड़े के मुताबिक, भारत में फोक्सवैगन की करीब 1,98,500 कारों, स्कोडा की 88,700 कारों और ऑडी की 36,500 कारों में ईए 189 डीजल इंजन लगे हुए हैं।
अमेरिका की तरह भारत में भी उत्सर्जन धोखाधड़ी के कथित आरोप पर सरकार ने कंपनी को नोटिस जारी किया था, जिस पर कंपनी को नवंबर अंत तक जवाब देना था। सरकार ने इस मामले की जांच की जिम्मेदारी एआरएआई को दी है।
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