नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। 54 देशों वाले अफ्रीका महाद्वीप का समर्थन चाह रही भारत सरकार को अफ्रीकी राजनयिक समुदाय के कुछ कड़े सवालों का जवाब देना पड़ेगा, ऐसा अपेक्षित है। इन राजनयिकों ने राजधानी में कांगो के एक नागरिक की हत्या व अफ्रीकी विद्यार्थियों पर देश के विभिन्न हिस्सों में हुए हमलों एवं उनके उत्पीड़न के विरोध में इस साल 26 मई को होने वाले ‘अफ्रीका दिवस’ समारोह से दूर रहने का निर्णय लिया है। यह समुदाय इन घटनाओं पर सरकार से कड़ी कार्रवाई चाहता है।
मोदी सरकार भी यही चाहती है कि और अफ्रीकी छात्र आएं और भारत में पढ़ें। अफ्रीकी मिशन प्रमुखों की मंगलवार को आपात बैठक हुई। उसमें कहा गया कि दिल्ली में जो भय और असुरक्षा का माहौल है, वह अफ्रीकी दूतावासों के प्रमुखों के लिए सिर्फ इसी विकल्प के लिए मजबूर कर रहा है कि वे अपनी सरकारों को तब तक कोई नया विद्यार्थी भारत नहीं भेजने की संस्तुति करने पर विचार करें, जब तक उनकी सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जाती।
इरिट्रिया के राजदूत एलेम टी. ओल्डेमेरियम ने मंगलवार देर रात कहा, “अफ्रीकी दूतावासों के प्रमुखों ने बैठक कर अफ्रीकी समुदाय के लोगों पर हाल के सिलसिलेवार हमलों की घटनाओं पर विस्तार से चर्चा की। पिछले कई वर्षो से अफ्रीकी समुदाय को इन हमलों का निशाना बनाया जा रहा है।”
ओल्डेमेरियम अफ्रीकी दूतावासों के प्रमुखों के अध्यक्ष भी हैं।
एक बयान में कहा गया है, “वे अफ्रीकी नागरिक की इस नृशंस हत्या की कड़ी निंदा करते हैं और भारत सरकार से आग्रह करते हैं कि अफ्रीकी नागरिकों की सुरक्षा की गारंटी के लिए ठोस कदम उठाए।”
कांगो के नागरिक मासोंडा केटाडा ओलिवर (29) की शुक्रवार रात करीब 11.30 बजे दक्षिण दिल्ली के वसंत कुंज में किशनगढ़ गांव के पास तीन युवकों ने पीट-पीटकर मार डाला था। बताया जाता है कि एक ऑटो रिक्शा किराए पर लेने को लेकर ओलिवर से उनकी बहस हुई थी, उसी के बाद यह वारदात हुई।
ओल्डेमेरियम के बयान के मुताबिक, ओलिवर और उसका दोस्त सैमुएल उस दिन अपने एक अन्य दोस्त से मिलने गए थे।
बयान में कहा गया है कि ओलिवर ने एक ऑटो-रिक्शा वाले को हाथ दिया था, जो उससे कुछ दूर जाकर रुका। वह उस पर चढ़ने की कोशिश करने लगा। तीन भारतीय जो पास में खड़े थे वे उस पर चढ़ गए। इसके बाद दोनों पक्षों में बहस हुई और ओलिवर को धक्का दे दिया।
उन्होंने ओलिवर को जमीन पर पटक दिया और उसके चेहरे पर और पेट में लगातार मारने लगे।
एक ने सड़क किनारे पड़ा बड़ा पत्थर उठाया और ओलिवर के सिर पर दे मारा।
बयान के मुताबिक, कांगो के नागरिक ओलिवर की मदद के लिए जो राहगीर रुके थे, उन्हें भी उन लोगों ने पीटा। जब ओलिवर को बेहोश देखा तो वे उस जगह से भाग गए।
ओलिवर को एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स) भेजा गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
इसी साल 31 जनवरी को बेगलुरू में तंजानिया की एक लड़की को कार से खींचकर हमला किया गया था। कार में सवार उसके तीन दोस्तों की भी पिटाई हुई थी।
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