नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि उसका लक्ष्य 1,000 प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केद्र (पीएमबीजेके) स्थापित करने का है, जो कि ‘मिशन 3000’ केंद्र के तहत ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में खोले जाएंगे।
नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि उसका लक्ष्य 1,000 प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केद्र (पीएमबीजेके) स्थापित करने का है, जो कि ‘मिशन 3000’ केंद्र के तहत ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में खोले जाएंगे।
पीएमबीजेके के तहत मार्च तक केंद्र सरकार ने 3,000 जनऔषधि केंद्र खोलने की योजना बनाई है।
रसायन और उर्वरक मंत्रालय के मुताबिक ‘ब्यूरो ऑफ फार्मा पीएसयू ऑफ इंडिया (बीपीपीआई)’ और ‘नेशनल युवा कॉपरेटिव सोसाइटी (एनवाईसीएस)’ के बीच इस पहल को लेकर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया है।
रसायन, उवर्रक और संसदीय मामलों के मंत्री एच. एन. अनंत कुमार ने कहा कि जनऔषधि केंद्र की संख्या बढ़कर 750 दुकानों की हो चुकी है। इस तरह से पिछले ढाई सालों में इसमें 7 गुणा तेजी आई है।
मंत्री के हवाले से एक बयान में कहा गया, “देश भर में जनऔषधि केंद्र खोलने के अब तक 20,000 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें से 5,000 आवेदनों को शुरुआती मंजूरी दे दी गई है। सरकार का इरादा देश के सभी ब्लॉक और ग्राम पंचायत में जनऔषधि केंद्र खोलने का है। “
मंत्री ने बताया कि सरकार देशी जेनेरिक ड्रग उद्योग को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है, ताकि उसे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके।
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