नई दिल्ली/नांदेड़ (महाराष्ट्र), 8 अप्रैल (आईएएनएस)। कई पशु अधिकार संगठनों द्वारा चलाए गए संयुक्त अभियान में नांदेड़ के एक सर्कस से अफ्रीकी प्राजीत के मकाऊ तोतों सहित छह दुर्लभ पक्षी, 13 कुत्ते, पांच घोड़े, चार हाथी और एक ऊंट को छुड़ा लिया गया। संगठनों को सर्कस में पशुओं पर अत्याचार होने की खबरें मिली थीं।
पशु अधिकार समूह द्वारा निरीक्षण में पशुओं के दोहन और प्रताड़ना का खुलासा होने के बाद असम के लखीमपुर में पंजिकृत मूनलाइट सर्कस की केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकार (सीजेडए) ने 14 अक्टूबर 2014 को मान्यता रद्द कर दी थी। पीपुल फॉर एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा) ने बुधवार को यह जानकारी दी।
भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (एडब्ल्यूबीआई) और सीजेडए द्वारा सर्कस विनियामक अनापत्ति निरस्त किए जाने और वर्तमान में नांदेड़ में सर्कस को तलाश लिए जाने के बाद पशुओं और पक्षियों को मुक्त करवाया गया।
पेटा ने कहा कि एडब्ल्यूबीआई और राज्य वन्यजीव विभाग से अनुमति एवं आदेश मिलने के बाद सर्कस से फरवरी 2015 के बाद पशुओं और पक्षियों को मुक्त करवाना शुरू किया।
एडब्ल्यूबीआई ने पेटा को नवंबर 2012 से जुलाई 2013 के बीच 16 निरीक्षण करने के लिए प्राधिकृत किया।
अभियान में फेडरेशन ऑफ इंडियन एनिमल प्रोटेक्शन आर्गेनाइजेशन (एफआईएपीओ), पीपुल फॉर एनिमल (पीएफए) (हैदराबाद, पुणे, उत्तराखंड, वर्धा से), पेटा, ठाणे में रेस्किंक एसोसिएशन फॉर वाइल्डलाइफ वेल्फेयर (आरएडब्ल्यूडब्ल्यू), सोसायटी फॉर दी प्रीवेन्शन ऑफ क्रूएल्टी टू एनिमल्स (एसपीसीए) एवं वाइल्डलाइफ एसओएस शामिल थे।
dharmpath.com dharmpath