नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आम सहमति से नए राष्ट्रपति के चयन के लिए तीन वरिष्ठ मंत्रियों की समिति बनाई है। यह समिति विपक्षी दलों के साथ बातकर सर्वसम्मत प्रत्याशी के चयन की कोशिश करेगी।
भाजपा की ओर से जारी बयान के मुताबिक, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री अरुण जेटली और सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम. वेंकैया नायडू इस समिति के सदस्य हैं।
भाजपा के मुताबिक, “यह समिति राष्ट्रपति चुनाव को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों से चर्चा करेगी और इस पर आम सहमति बनाने की कोशिश करेगी।”
भाजपा ने अभी तक अपने उम्मीदवार के बारे में कोई संकेत नहीं दिया है। लेकिन, कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने अपने साझा उम्मीदवार के लिए जुगत लगानी शुरू कर दी है।
विपक्ष ने यह साफ कर दिया है कि वह अपनी रणनीति का ऐलान करने से पहले सत्तारूढ़ दल के उम्मीदवार के ऐलान का इंतजार करेगी।
विपक्षी दलों का कहना है कि उम्मीदवार ऐसा होना चाहिए जो संविधान की सुरक्षा कर सके।
विपक्ष ने यह भी कहा है कि यदि किसी साझा उम्मीदवार पर सहमति नहीं बनती है तो ‘उस उम्मीदवार को उतारेंगे जो संवैधानिक मूल्यों का बचाव कर सके।’
विपक्षी दलों की 14 जून को आधिकारिक बैठक होने जा रही है, जिसमें राष्ट्रपति एवं उप राष्ट्रपति चुनाव पर चर्चा होगी।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 17 जुलाई को होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव के लिए सभी विपक्षी दलों को एक साझा मंच पर लाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
सोनिया गांधी ने चुनाव पर चर्चा के मद्देनजर इस महीने की शुरुआत में विपक्षी पार्टियों के दस सदस्यीय उपसमूह का गठन किया था।
विपक्ष के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “विपक्षी पार्टियों के उपसमूह के सदस्यों की 14 जून को औपचारिक रूप से बैठक होगी और इस दौरान राष्ट्रपति एवं उप राष्ट्रपति चुनावों को लेकर चर्चा की जाएगी।”
इस उप समूह में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद और मल्लिकार्जुन खड़गे, जदयू नेता शरद यादव, राजद नेता लालू प्रसाद यादव, माकपा नेता सीताराम येचुरी, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओब्रायन, समाजवादी पार्टी के रामगोलपाल यादव, बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्रा, द्रमुक के आर. एस. भारती और एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल हैं।
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