रांची, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। देश का सबसे बड़ा और ऊंचा राष्ट्रध्वज यहां आधा झुक गया है। इसके झुकने की वजह इसे ऊपर उठाने वाली पुली का खराब होना है। लेकिन तिरंगे का आधा झुकना राज्य के लिए शर्मिदगी का सबब बन गया है।
यहां पहाड़ी मंदिर में लगे राष्ट्रीय ध्वज की ऊंचाई 66 फुट और चौड़ाई 99 फुट है। इसका वजन 60 किलोग्राम है और यह 293 की ऊंचाई पर फहरता है।
गौरतलब है कि 23 जनवरी के बाद, जब झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास की मौजूदगी में रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने ध्वज फहराया था, तब यह देश के सबसे बड़े राष्ट्रध्वज के तौर पर फहराया गया था।
रविवार को इसे ऊपर उठाने वाली पुली खराब होने के कारण यह आधा झुक गया है।
समस्या इतनी जटिल है कि रांची जिला प्रशासन ने इसे ठीक करने के लिए भारतीय सेना से मदद मांगी है।
इस राष्ट्रध्वज के रखरखाव की जिम्मेदारी निभाने वाली समिति के एक सदस्य ने आईएएनएस को बताया, “ऐसा लगता है तिरंगा फहराने के लिए इस्तेमाल की गई धातु रस्सी फिसल गई है। अब तिरंगे को नीचे लाना पड़ेगा। सेना इसे नीचे लाने की कोशिश में लगी है।”
आधा झुका झंडा शोक का प्रतीक होता है, इसलिए यहां अब राष्ट्रध्वज के मानकों का उल्लंघन भी हो रहा है।
वहीं इस मामले को लेकर भाजपा नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर विपक्षी दल भी अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।
झारखंड में कांग्रेस के महासचिव आलोक दुबे ने आईएएनएस से कहा, “भाजपा राष्ट्रवाद के बारे में बात करती है और वह राष्ट्रध्वज की पवित्रता बनाए रखने में विफल है। रघुबर दास कुप्रबंधन में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं?”
झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य साईं ने कहा, “यहां राष्ट्रध्वज रखरखाव समिति में कुछ लोग हैं, जो सरकार के करीबी हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सरकार को हिम्मत चाहिए।”
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