नई दिल्ली, 1 दिसम्बर (आईएएनएस)। भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश आदर्श सेन आनंद का शुक्रवार को यहां निधन हो गया।
81 वर्षीय न्यायमूति आनंद कुछ समय से बीमार थे, और उन्होंने घर पर अंतिम सांस ली। उन्हें कुछ समय पूर्व एक निजी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी, जहां फेफड़े की समस्या के लिए उनका इलाज किया जा रहा था।
न्यायाधीश आनंद 10 अक्टूबर, 1998 से 31 अक्टूबर, 2001 तक भारत के प्रधान न्यायाधीश रहे थे।
उन्हें राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षता के लिए अच्छी तरह से जाना जाता है। उन्होंने देश के हर जिले में लोक अदालत स्थापित करने के लिए पहल की थी।
उन्होंने कई पुस्तकें लिखी हैं, जिसमें उनकी पुस्तक ‘जम्मू एवं कश्मीर का संविधान-उसका विकास और टिप्पणियां’ शामिल हैं।
न्यायाधीश आनंद ने केरल के मुल्लापेरियार बांध के सुरक्षा पहलुओं की जांच के लिए बनाई गई समिति के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया था।
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने न्यायमूर्ति आनंद की निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि वह आनंद की मौत की खबर सुनकर दुखी हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें लोगों को आसानी से न्याय दिलाने के लिए जाना जाता था।
जेटली ने एक ट्वीट में कहा, “पूर्व प्रधान न्यायाधीश के निधन से दुखी हूं। न्यायमूर्ति आदर्श सेन आनंद एक दूरदर्शी संवैधानिक विशेषज्ञ थे और लोगों को आसानी से न्याय सुलभ कराने के लिए जाने जाते थे। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।”
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