नई दिल्ली, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जी. एन. साईबाबा को सोमवार को जमानत दे दी। उन पर प्रतिबंधित माओवादी पार्टी के एक संगठन से जुड़े होने का आरोप है।
न्यायमूर्ति जगदीश सिंह खेहर की अध्यक्षता वाली शीर्ष अदालत की पीठ ने साईबाबा को जमानत दी। अदालत ने कहा कि सभी सबूतों की जांच पहले ही की जा चुकी है और उन्हें जेल में रखने का कोई आधार नहीं है।
महाराष्ट्र के वकील ने यह आशंका जताई कि यदि साईबाबा को खुला छोड़ दिया गया तो वह अपने विचारों का प्रचार करेंगे। इस दलील का अदालत पर कोई असर नहीं पड़ा।
अदालत ने कहा कि यह बात नहीं मानी जा सकती क्योंकि अगर उन्हें बाद में रिहा किया जाएगा, तो भी वह ऐसा कर सकते हैं।
साईबाबा को जमानत देते हुए अदालत ने कहा कि उनकी रिहाई निचली अदालत की शर्तो पर निर्भर करेगी। इसलिए जब भी जरूरत होगी उन्हें उपलब्ध रहना होगा।
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