कोलकाता, 1 दिसम्बर (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सांसद मोहम्मद सलीम या तो केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह पर लगाए गए आरोप को साबित करें या फिर इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि विपक्ष अल्पसंख्यकों में भय पैदा करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर अनर्गल आरोप लगा रहा है।
गडकरी ने कहा, “दुर्भाग्यवश, लोग संसद तक में आधारहीन आरोप लगा रहे हैं। राजनाथ सिंह ने कभी वे बातें नहीं कहीं, लेकिन उन पर आरोप लगा दिए गए। “
असहिष्णुता के मुद्दे पर लोकसभा में बहस की शुरुआत करते हुए सलीम ने एक पत्रिका के हवाले से एक बयान को राजनाथ से जोड़ दिया था। इस पर हंगामा हुआ था।
पत्रिका ने सोमवार रात अपनी गलती मानी कि जो बयान विश्व हिंदू परिषद के दिवंगत नेता अशोक सिंघल ने दिया था, वह राजनाथ सिंह के नाम से प्रकाशित हो गया।
केंद्रीय परिवहन मंत्री गडकरी ने कहा, “या तो सलीम अपने आरोप साबित करें या इस्तीफा दें। संसद का कभी भी इस्तेमाल बेबुनियाद आरोप लगाने के लिए नहीं होना चाहिए, लेकिन कांग्रेस और वाम दल वोट बैंक की राजनीति के लिए ऐसा कर रहे हैं। ये देश में सांप्रदायिक सौहार्द्र को बिगाड़ना चाह रहे हैं।”
पुरस्कार वापसी की आलोचना करते हुए गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी को गलत रूप से राज्यों की कानून-व्यवस्था की समस्याओं के लिए दोषी बताया जा रहा है। चाहे वह कर्नाटक में लेखक एम.एम, कलबुर्गी की हत्या हो या फिर दादरी में अखलाक की हत्या का मामला हो, ये घटनाएं भाजपा शासित राज्यों में नहीं हुई हैं।
गडकरी ने कहा, “साम्यवादी विचार के साहित्यकार यह सब कर रहे हैं, क्योंकि वे मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। विपक्ष जान बूझकर मोदी और भाजपा का नाम लेकर अल्पसंख्यकों में भय पैदा करने का काम कर रहा है।”
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