नई दिल्ली, 8 जुलाई (आईएएनएस)। पूरे देश में स्थापित भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) केंद्रों की मौजूदा स्थिति के मूल्यांकन एवं उनके सुचारू संचालन के सुझाव देने के लिए खेल मंत्रालय ने बुधवार को आठ सदस्यीय एक समिति गठित कर दी।
उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष मई महीने में केरल के अलप्पुझा स्थित साई प्रशिक्षण केंद्र पर महिला एथलीटों द्वारा खुदकुशी की कोशिश के बाद यह कदम उठाया गया है।
खुदकुशी की कोशिश करने वाली चार एथलीटों में से एक की मौत हो गई थी।
इस घटना ने साई प्रशिक्षण केंद्रों की खस्ता हालत पर पूरे देश का ध्यान केंद्रित कर दिया और प्रशिक्षु एथलीटों के कल्याण के लिए इन केंद्रों में प्रणालीगत सुधार की जरूरत पर बल दिया।
इस समिति की अध्यक्षता अश्विनी नाचप्पा को सौंपी गई है, जबकि अन्य सदस्यों में गोपीचंद, जसपाल संधू, मालव श्राफ, भोगेश्वर बरुआ, के. पी. मोहन, बलदेव सिंह और नीना पी. नायक शामिल हैं।
समिति के सदस्यों से हर जोन के कुछ साई केंद्रों का दौरा अवश्य करने के लिए कहा गया है, तथा उनसे जुड़े मुद्दों और अपनी सिफारिशें देने के लिए कहा गया है।
इस समिति का पहला कार्य होगा, साई केंद्रों पर प्रशिक्षण ले रहे एथलीटों के समक्ष आ रहीं परेशानियों को चिह्नित करना और उनके समधान के सुझाव देना, तनाव से संबंधित मुद्दों का प्रबंधन, भोजन सामग्री की गुणवत्ता की जांच, अनुपूरक आहारों की समय से उपलब्धता सुनिश्चित करना, साफ-सफाई, मनोरंजन की सुविधाएं, खिलाड़ियों की शिकायतों का समाधान, यौन उत्पीड़न रोधी उपाय, संपूर्ण सुरक्षा, प्रणाली, प्रक्रिया, जांच एवं संतुलन आदि मुद्दों पर ध्यान देना।
समिति का दूसरा कार्य है उनकी नजर यदि कोई अन्य सुझाव हों तो उन्हें दें।
समिति को तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है।
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