नई दिल्ली, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। सामुदायिक रेडियो सेवा के महत्व को उजागर करने के लिए कॉमनवेल्थ एजुकेशनल मीडिया सेंटर फॉर एशिया (सीईएमसीए) ने युवाओं के लिए एक खास वीडियो प्रतियोगिता की घोषणा की है।
इस वर्ष की प्रतियोगिता का विषय है -‘सामुदायिक रेडियो : एड्रेसिंग डिजास्टर्स, सेविंग लाइव्स’। प्रतियोगिता के तहत संकट और आपदा प्रबंधन के लिए और साथ ही जिंदगियों को बचाने के लिए सामुदायिक रेडियो सेवा का किस प्रकार इस्तेमाल किया जा सकता है, इसके लिए प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं।
इस विषय पर विद्यार्थियों द्वारा तैयार सर्वश्रेष्ठ वीडियो को मई 2016 में एक समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा।
यह प्रतियोगिता सीईएमसीए, युनाइटेड नेशन्स एजुकेशनल, साइंटिफिक एंड कल्चरल ऑर्गनाइजेशन (यूनेस्को) और नई दिल्ली के एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ मास कॉम्युनिकेशन की संयुक्त पहल है। प्रतियोगिता भारतीय विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और संस्थानों के लिए खुली है।
बयान के मुताबिक, वीडियो की अवधि तीन मिनट तक हो सकती है और इसे ऑनलाइन भेजने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल है। क्षेत्रीय भाषाओं की प्रविष्टियों के साथ अंग्रेजी उपशीर्षक होना आवश्यक है। प्रतियोगिता के लिए लगभग 13 नकद पुरस्कार हैं।
सीईएमसीए का गठन कॉमनवेल्थ ऑफ लर्निंग (सीओएल) द्वारा 1994 में किया गया था। इसका उद्देश्य एशिया के कॉमनवेल्थ देशों की शैक्षणिक और प्रशिक्षण की जरूरतें पूरी करने के लिए मीडिया और प्रौद्योगिकी के सार्थक, प्रासंगिक और उपयुक्त इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।
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