सिडनी, 10 मार्च (आईएएनएस)। पृथ्वी पर बढ़ते तापमान के लिए लोग पर्यावरण को दोषी ठहराते हैं, लेकिन हकीकत है कि लगातार बढ़ रही गर्मी के लिए मानव खुद जिम्मेदार हैं। एक नए शोध में इसकी पुष्टि हुई है।
वैज्ञानिकों ने इस शोध के अनुसार, साल 1930 के बाद से रिकार्ड तोड़ गर्म सालों के लिए मानव को जिम्मेदार बताया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन में मानवों के हस्तक्षेप के बिना साल-दर साल गर्मी का इतनी अधिकता से बढ़ना संभव नहीं है।
नए अध्ययन के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के कारण वैश्विक स्तर पर रिकॉर्ड तोड़ गर्म साल 1937, 1940,1941,1943-44,1980-1981,1987-1988-1990,1995,1997-98, 2010 और 2014 रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न से इस अध्ययन के मुख्य लेखक एंड्रयू किंग ने बताया, “हम हर जगह देख रहे हैं कि अत्यधिक गर्मी की घटनाएं जलवायु परिवर्तन के संकेत को मजबूत कर रही हैं।”
वैज्ञानिकों को इन प्रभावों की जानकारी पांच अलग-अलग देशों के आकलन करने के बाद हुई थी। वैज्ञानिकों ने मध्य ब्रिटेन, मध्य यूरोप, मध्य अमेरिका, पूर्वी एशिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के तापमान और जलवायु परिवर्तन का आकलन किया था।
किंग ने कहा, “मानव प्रेरित जलवायु परिवर्तन के संकेतों के संबंध में ऑस्ट्रेलिया दुनिया के बाकी देशों से बेहतर स्थिति में हैं,जहां मानव प्रेरित जलवायु परिवर्तन के संकेत काफी कम मिले हैं।”
यह शोध पत्रिका ‘अमेरिकन जियोफिजिकल यूनियन’ में प्रकाशित किया जाएगा।
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