विजयवाड़ा, 24 फरवरी (आईएएनएस)। रियो ओलम्पिक-2016 में भारत को रजत पदक दिलाने वाली महिला बैड़मिंटन खिलाड़ी पी.वी. सिंधु ने सरकारी नौकरी के प्रस्ताव को स्वीकार करने के मामले में तेलंगाना पर आंध्र प्रदेश को तरजीह दी है।
हैदराबाद में जन्मीं सिंधु के माता-पिता का संबंध आंध्र प्रदेश से है।
सिंधु जल्द ही आंध्र प्रदेश में डिप्टी कलेक्टर की पदवी संभालने वाली हैं। उन्होंने राज्य सरकार की इस पेशकश को मान लिया है। राज्य सरकार ने पिछले साल ओलम्पिक में रजत पदक जीतने के बाद उन्हें इस पद का प्रस्ताव दिया था।
सिंधु की मां विजयलक्ष्मी ने कहा कि उन्हें जल्द ही नियुक्ति पत्र मिलने की उम्मीद है।
ओलम्पिक में पदक जीत कर लौटने के बाद सिंधु के सम्मान समारोह में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडु ने कहा था कि राज्य सरकार उन्हें ग्रुप-वन अफसर की नौकरी देगी।
सिंधु 2013 से भारतीय पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड में उप-प्रबंधक (खेल) के तौर पर काम कर रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, 21 वर्षीय इस खिलाड़ी की पदोन्नति विशिष्ट मामले के तहत आने वाले पांच साल में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में हो सकती है।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने भी सिंधु को नौकरी का प्रस्ताव दिया था।
सिंधु के पदक जीतने के बाद दोनों प्रदेशों ने कहा था कि सिंधु उनके राज्य की हैं। तेलंगाना के राजनेताओं ने ‘तेलंगाना बिड्डा’ (तेलंगाना की बेटी) बताया था जबकि आंध्र प्रदेश ने उन्हें ‘आंध्र अम्माई’ (आंध्र की लड़की) कहा था।
दोनों प्रदेशों ने सिंधु को पुरस्कार भी दिए थे। तेलंगाना ने उन्हें पांच करोड़ का नगद इनाम दिया था। जबकि आंध्र ने उन्हें तीन करोड़ का नगद पुरस्कार और 1,000 वर्ग गज का प्लॉट अमरावती में दिया था।
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