नई दिल्ली, 20 जून (आईएएनएस)। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच के लिए केंद्र सरकार की ओर से गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) को सोमवार को ‘दिखावा’ करार दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र और सोमवार को समाचार-पत्रों में प्रकाशित एक विज्ञापन में केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार के पहले के 49 दिनों के कार्यकाल के दौरान दिल्ली की कैबिनेट ने दोषियों को कानून के कठघरे में खड़ा करने के लिए एसआईटी गठित करने का निर्णय लिया गया था।
केजरीवाल ने पत्र में कहा है, “लेकिन दुर्भाग्यवश हमारी सरकार उस निर्णय को अमलीजामा पहनाने के लिए सत्ता में नहीं रह पाई। हम एसआईटी गठित करना चाहते थे और इसे अपने चुनावी घोषणा-पत्र में शामिल भी किया था।”
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने उनके फरवरी 2015 में दूसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में पद की शपथ लेने से दो दिन पहले एक एसआईटी गठित की, ताकि दिल्ली की आप सरकार ऐसा न कर पाए।
उन्होंने पत्र में कहा, “मेरे मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने से महज दो दिन पहले 12 फरवरी, 2015 को केंद्र सरकार ने एक एसआईटी गठित की, जिसे छह माह में अपनी रिपोर्ट फाइल करनी थी, लेकिन डेढ़ साल हो चुके हैं और एसआईटी ने अब तक कोई प्रगति नहीं की। लोगों के मन में अब शंकाएं घर करने लगी हैं कि एसआईटी हमें एक प्रभावी एसआईटी गठित करने से रोकने के लिए महज एक दिखावा थी।”
केंद्र सरकार द्वारा गठित एसआईटी ने पिछले सप्ताह दिल्ली के सिख विरोधी दंगों से संबंधित करीब 75 मामलों की दोबारा जांच करने का निर्णय लिया।
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