रायपुर, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने छत्तीसगढ़ के सुकमा में सोमवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को निशाना बनाकर किए गए नक्सली हमले को ‘नृशंस अपराध’ करार देते हुए कहा कि सरकार इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कदम उठाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
राजनाथ ने मंगलवार सुबह सुकमा पहुंचकर घटनास्थल का दौरा करने के बाद संवाददाताओं को बताया कि विभिन्न राज्यों के अधिकारियों के साथ एक संयुक्त बैठक आठ मई को होगी, जिसमें नक्सलियों के खिलाफ रणनीति को पुख्ता किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “यह हमला बौखलाहट में आकर किया गया। वे जनजातीय क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यो के खिलाफ हैं, लेकिन हम उन्हें सफल नहीं होने देंगे।
उन्होंने कहा, “हम रणनीति की समीक्षा करेंगे। यदि जरूरत पड़ी तो हम रणनीति में बदलाव करेंगे।”
राजनाथ ने कहा कि नक्सली, जनजातीय लोगों का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह हमला 2013 के बाद हुआ अब तक का सर्वाधिक घातक हमला है।
लगभग 300 से 400 हथियारबंद नक्सलियों ने सोमवार को सीआरपीएफ के जवानों पर हमला कर दिया, जिसमें 25 जवान शहीद हो गए।
इससे पहले राजनाथ सिंह सीआरपीएफ के अतिरिक्त महानिदेशक सुदीप लखटकिया के साथ रायपुर पहुंचे और कहा कि सरकर जवानों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देगी।
राजनाथ ने कहा, “हमने इसे चुनौती के रूप में स्वीकार किया है। इसका उचित जवाब दिया जाएगा। हम रणनीति की समीक्षा करेंगे। यदि जरूरत पड़े तो इसमें बदलाव भी करेंगे। यह एक कायराना हरकत थी। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करेंगी।”
उन्होंने कहा, “हमने अपने जवान खो दिए.. वामपंथी चरमपंथी विकास कार्यो में बाधा पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं.. वे गरीबों के सबसे बड़े दुश्मन हैं।”
इस दौरान राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह भी मौजूद थे।
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