सीजीएचएस लाभार्थी बिना रेफरल पत्र के करा सकेंगे इलाज

नई दिल्ली, 8 दिसम्बर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना(सीजीएचएस) में इलाज सुविधा को आसान बनाने के लिए अब इसके अंतर्गत आने वाले लाभार्थी सूचीबद्ध किसी भी निजी अस्पताल में बिना किसी अनुमति पत्र(रेफरल लेटर) के अपना इलाज करा सकते हैं।

नई दिल्ली, 8 दिसम्बर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना(सीजीएचएस) में इलाज सुविधा को आसान बनाने के लिए अब इसके अंतर्गत आने वाले लाभार्थी सूचीबद्ध किसी भी निजी अस्पताल में बिना किसी अनुमति पत्र(रेफरल लेटर) के अपना इलाज करा सकते हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के नए आदेश के अनुसार, “यह निर्णय लिया गया है कि सीजीएचएस लाभार्थी सीजीएचएस दर सूची के अंतर्गत आने वाले विशेष उपचार प्रक्रियाओं के अधीन सीजीएचएस के सभी सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में क्रेद्र सरकार/राज्य सरकार के विशेषज्ञ अस्पतालों, डॉक्टरों या सीजीएचएस के चिकित्सा अधिकारियों की सलाह पर अपना इलाज बिना अनुमति पत्र के करा सकेंगे।”

इस संबंध में नौ नवंबर, 2017 को लिखे पत्र को सभी मंत्रालयों और केंद्र सरकार के सभी विभागों को जारी कर दिया गया है।

आईएएनएस के पास मौजूद नए आदेश के अनुसार, “निजी सूचीबद्ध अस्पतालों को बिना नकद के आधार पर भी पेंशनधारी, पूर्व सांसद, स्वतंत्रता सेनानी, मंत्रालय के मौजूदा कर्मचारी(सीजीएचएस व सीएस(एमए) लाभार्थी) और क्रेडिट सुविधा के योग्य सीजीएचएस के अन्य लाभार्थियों का इलाज करना होगा।”

आदेश के अनुसार, “लाभार्थी को अब सरकारी विशेषज्ञ या सीजीएचएस चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी निर्देश और अस्पताल के बिल की वास्तविक प्रति संलग्न कर संबंधित अधिकारी को देनी होगी।”

इससे पहले, केंद्र सरकार के कर्मचारी/पेंशनधारी और उसके आश्रित सीजीएचएस चिकित्सा अधिकारी के निर्देश के अनुसार इस तरह की विशेष चिकित्सा की जरूरत पड़ने पर सीजीएचएस प्रमाणित अस्पतालों में अपनी जांच और चिकित्सा करा सकते थे।

इस प्रक्रिया के अधीन, पहले रोगी को स्थानीय डिस्पेंसरी में जाना पड़ता था, जहां विशेषज्ञ की अनुमति के बाद रोगी को बड़े सरकारी अस्पताल भेजा जाता था और वहां सीजीएचएस प्रमाणित निजी अस्पतालों में इलाज कराने के जरूरी कागजी काम किए जाते थे।

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े के आधार पर, पूरे देश में सीजीएचसी के 949 जनरल अस्पताल, दांत और आंखों के अस्पताल हैं, जिसमें दिल्ली में ही 118 अस्पताल, आंखों के 104, दांतों के 52 अस्पताल हैं। दिल्ली में सीजीएचएस श्रेणी में 61 डाइग्नोस्टिक केंद्र भी हैं।

नए आदेश में यह भी उल्लेख है कि मौजूदा सरकारी कर्मचारियों को अदायगी(रीम्बस्म्रेन्ट) के लिए संबंधित मंत्रालय/विभाग/कार्यालय में मेडिकल क्लेम सरकारी विशेषज्ञ या सीजीएचएस चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के साथ वास्तविक प्रति संलग्न करना चाहिए।

नए आदेश के अनुसार, “सीजीएचएस चिकित्सा अधिकारी/ सरकारी विशेषज्ञ नाम लेकर किसी भी लाभार्थी को किसी अमुख अस्पताल में जाने के लिए नहीं कह सकते, बल्कि उन्हें उपचार प्रक्रिया के बारे में बताना होगा और किसी भी सीजीएचएस सूचीबद्ध अस्पताल में भेजने के लिए निर्दिष्ट करना होगा।”

सीजीएचएस के अंतर्गत मिलने वाली सुविधाओं में दवाइयां, सरकारी/पॉलीक्लिीनिक में विशेषज्ञों से परामर्श, सरकारी व सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में घरेलू उपचार और जांच समेत ओपीडी में इलाज शामिल हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, “सूचीबद्ध अस्पताल और जांच कंद्रों में पेंशनधारियों व अन्य प्रमाणित लाभार्थियों के लिए नकदरहित सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही आपात स्थिति में निजी अस्पतालों में इलाज के दौरान अदायगी में विस्तार, सुनने वाली मशीन, कृत्रिम अंग, उपकरण इत्यादि के लिए भी अदायगी में विस्तार की सुविधा मिल सकेगी।”

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