नई दिल्ली, 1 सितम्बर (आईएएनएस)। रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने मंगलवार को कहा कि मौजूदा समय में सुरक्षा वातावरण बेहद जटिल है और हर समय सतर्क रहने की जरूरत है।
वर्ष 1965 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध पर सेना की तीनों शाखाओं की ओर से अयोजित एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए रक्षामंत्री ने कहा, “आज के समय में सुरक्षा वातावरण बेहद जटिल है और हर समय बेहद सजग रहने की जरूरत है।”
1965 के युद्ध के बारे में पर्रिकर ने कहा कि पाकिस्तान को उसके गलत इरादों की सजा भुगतनी पड़ी थी। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की इस युद्ध में स्पष्ट तौर पर विजय हुई थी, भले ही कुछ संशयवादियों का मानना हो कि परिणाम बराबरी पर रहा था।
भारत 1965 के युद्ध के 50 वर्ष पूरे होने पर व्यापक स्तर पर स्मरणोत्सव मना रहा है।
सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग ने संगोष्ठी में कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में अशांति फैलाने के नए तरीके इस्तेमाल किए जा रहे हैं। हालिया घटनाओं से जाहिर होता है कि राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी उपद्रव फैलाने की कोशिशें की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा बार-बार संघर्ष विराम और आतंकवादियों द्वारा घुसपैठ की कोशिशों के कारण जम्मू एवं कश्मीर की सीमा पर हलचल बनी हुई है।
जनरल सिंह ने संगोष्ठी में कहा, “भविष्य में होने वाले युद्धों की तैयारी के लिए बेहद कम समय मिलेगा। चेतावनियों के लिए भी बेहद सीमित समय होगा। हमें हर समय उच्च सामरिक तैयारी रखनी होगी।”
1965 के युद्ध के विश्लेषण के लिए दो दिवसीय संगोष्ठी के उद्घाटन के अवसर पर उपराष्ट्रपति एम. हामिद अंसारी, चेयरमैन ऑफ चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अरूप राहा और नौसेना प्रमुख एडमिरल आर.के.धोवन भी उपस्थित थे।
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