भोपाल, 26 मई (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सूखा प्रभावित इलाकों को विशेष राहत दिए जाने के निर्देश से आमजन को अवगत करने मराठवाड़ा से शुरू हुई जल-हल यात्रा शुक्रवार को बुंदेलखंड पहुंच रही है।
भोपाल, 26 मई (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सूखा प्रभावित इलाकों को विशेष राहत दिए जाने के निर्देश से आमजन को अवगत करने मराठवाड़ा से शुरू हुई जल-हल यात्रा शुक्रवार को बुंदेलखंड पहुंच रही है।
स्वराज अभियान द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने पिछले दिनों देश के सूखा प्रभावित 12 राज्यों में आपदा प्रभावित क्षेत्रों की तरह मदद मुहैया कराने का निर्देश दिया था। न्यायालय ने प्रभावित क्षेत्रों में प्रतिमाह प्रति व्यक्ति पांच किलो अनाज देने, गर्मी की छुट्टी के बावजूद विद्यालयों में मध्याह्न भोजन देने, सप्ताह में कम से कम तीन दिन अंडा या दूध देने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, मनरेगा के जरिए रोजगार उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया है।
सर्वोच्च न्यायालय के इन्हीं निर्देशों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए स्वराज अभियान, एकता परिषद, नेशनल एलायंस ऑफ पीपुल मूवमेंट (एनएपीएम) और जल बिरादरी ने जल-हल यात्रा शुरू की है। यह यात्रा मराठवाड़ा के तीन जिलों लातूर, उसमानाबाद और बीड़ से होती हुई बुंदेलखंड पहुंच रही है।
इन संगठनों की ओर से गुरुवार को एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में स्वराज अभियान के योगेंद्र यादव ने बताया गया कि शुक्रवार 27 मई को यह यात्रा बुंदेलखंड पहुंच रही है। इस यात्रा की शुरुआत टीकमगढ़ के आलमपुर से शुरू होगी। यात्रा 31 मई तक चलेगी और इसका समापन महोबा में जनसभा के रूप में होगा।
इस यात्रा में स्वराज अभियान के योगेंद्र यादव, एकता परिषद के मुखिया पी.वी.राजगोपाल, एनएपीएम की मेधा पाटकर और जल बिरादरी के जलपुरुष राजेंद्र सिंह प्रमुख रुप से मौजूद रहेंगे।
बुंदेलखंड दो राज्यों मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के 13 जिलों में फैला हुआ है। दोनों हिस्सों के जिलों का सूखे से बुरा हाल है। लोगों का पलायन जारी है और रोजगार का संकट है। इंसान को अनाज व जानवर को चारा नहीं मिल पा रहा है।
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