मुख्य सूचना आयुक्त ने कहा कि जन सूचना अधिकारियों की मंशा सूचना उपलब्ध कराने की होनी चाहिए। इसमें किसी प्रकार की अड़चन नही डालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में प्रशिक्षण का पहला चरण जनवरी, 2016 से शुरू किया गया था, जो पूरा हो गया है। अब दूसरे चरण में लखनऊ, आगरा एवं मेरठ मंडलों के जनपदों में प्रशिक्षण चलाया जा रहा है।
उस्मानी ने कहा कि जन सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 तथा जल सूचना का अधिकार नियमावली 2015 का भली भांति अनुशीलन कर लिया जाए, तो सूचना देने में कोई कठिनाई नहीं आएगी। उन्होंने बताया कि आयोग में इस समय 37 हजार पुराने प्रकरण अपील में लंबित हैं, जिन्हें अगले एक वर्ष में 20 हजार पर लाया जाएगा।
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