नई दिल्ली, 7 मई (आईएएनएस)। वित्त, कंपनी मामले तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सूचना प्रसार के कई चैनलों को ध्यान में रखते हुए खबरों की वास्तविक प्रस्तुति अजीबोगरीब कतई नहीं होनी चाहिए। वैसे तो आजकल खबरों का कार्यक्षेत्र घटना, प्रतिस्पर्धी और उद्घोषणा आधारित रहता है, लेकिन इसके बावजूद तथ्यों और सही जानकारी के आधार पर खबर देने की गुंजाइश अब भी बनी हुई है।
जेटली ने गुरुवार को यहां सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के डीडी न्यूज मोबाइल एप्लिकेशन और अन्य ई-पहलों की शुरूआत करने के अवसर पर बताया कि सूचनाओं को लेकर श्रोतागण मुद्दों और घटनाओं के बारे में व्यापक विचार रखते हैं। फिर भी निष्पक्ष खबरों की प्रस्तुति की विश्वसनीयता वास्तविक खबरों को लगातार अद्यतन करने की काबिलियत पर निर्भर करती है।
जेटली ने कहा कि डीडी न्यूज द्वारा एप की शुरूआत करना प्रसार भारती के लिए महत्वपूर्ण घटना है। इससे देश भर में श्रोताओं की सूचना संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति होती है। इससे डीडी न्यूज को एक मंच मिला है जहां यह तुरंत 247 आधार पर निष्पक्ष एवं वस्तुपरक खबरें दे सकता है। इससे इसके अपने प्रोफाइल में एक नया आयाम जुड़ गया है।
इंडिया 2015 तथा भारत 2015 के ई-वर्जन के संबंध में जेटली ने कहा कि ई-मोड पर इन प्रकाशनों की उपलब्धता से डिजिटल माध्यम के दर्शक बड़े पैमाने पर भारत की जानकारी लेने में सक्षम होंगे। डिजिटल मोड पर ही रखकर प्रकाशन विभाग, प्रकाशन उद्योग में हो रहे समकालीन परिवर्तनों के अनुरूप बन सका। डिजिटल होने के लिए सतत और लगातार सुधार किया जाना जरूरी है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ई-बुक पर जेटली ने कहा कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ई-बुक में पिछले एक वर्ष के दौरान हासिल की गई उपलब्धियों और उठाए गए नए कदमों का जिक्र किया गया है।
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