मुंबई, 31 दिसम्बर (आईएएनएस)। फिल्मकार बिजॉय नाम्बियार का मानना है कि सेंसर बोर्ड में ‘हास्यास्पद चीजें’ हो रही हैं। उनका यह भी कहना है कि भारतीय सिनेमा में सेंसरशिप की समरूपता होती चाहिए।
केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीगीएफसी) की सख्ती के बारे में पूछे जाने पर नाम्बियार ने कहा, “सेंसर बोर्ड में कुछ चीजें हो रही हैं और मुझे लगता है कि अब समय आ गया है जब हम मिलकर एक मत से तय करें कि किस प्रकार की सामग्री दिखाई जानी चाहिए।”
उन्होंने कहा, “हमेशा इस बात को लेकर विवाद होता रहता है कि क्या दिखाया जाना चाहिए और क्या नहीं। यह साबित करता है कि सेंसर बोर्ड के नियमों को लेकर कोई समस्या जरूर है। जरूरी है कि पश्चिम की तरह ही यहां भी सर्टिफिकेट रैंकिंग हो।”
नाम्बियार इन दिनों मेगास्टार अमिताभ बच्चन और फरहान अख्तर अभिनीत ‘वजीर’ के प्रचार में व्यस्त हैं।
इस बारे में उन्होंने कहा, “बड़े सितारों के साथ काम करने के फायदे और नुकसान दोनों हैं। उनकी अपनी एक आभा होती है, जिसके अपने लाभ हैं, लेकिन इसका नुकसान यह है कि फिल्म की कहानी उस आभा के अनुरूप होनी जरूरी है।”
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