सेंसेक्स, निफ्टी में मामूली गिरावट (साप्ताहिक समीक्षा)

मुंबई, 23 जनवरी (आईएएनएस)। देश के शेयर बाजारों में पिछले सप्ताह मामूली गिरावट रही। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 0.08 फीसदी यानी 19.38 अंकों की गिरावट के साथ शुक्रवार को 24,435.66 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 0.21 फीसदी यानी 15.35 अंकों की गिरावट के साथ 7,422.45 पर बंद हुआ।

पिछले सप्ताह सेंसेक्स के 30 में से 15 शेयरों में तेजी रही। एक्सिस बैंक (13.50 फीसदी), गेल (9.31 फीसदी), भेल (7.91 फीसदी), टाटा स्टील (7.48 फीसदी) और हीरो मोटोकॉर्प (7.19 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।

सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे रिलायंस इंडस्ट्रीज (6.45 फीसदी), कोल इंडिया (5.74 फीसदी), हिंदुस्तान यूनिलीवर (3.92 फीसदी), मारुति (3.88 फीसदी) और सिप्ला (3.61 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।

मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में गत सप्ताह एक फीसदी से अधिक गिरावट रही। मिडकैप 1.46 फीसदी या 150.68 अंकों की गिरावट के साथ 10,193.05 पर और स्मॉलकैप 1.71 फीसदी या 184.5 अंकों की गिरावट के साथ 10,598.38 पर बंद हुआ।

सोमवार 18 जनवरी को जारी आधिकारिक आंकड़े के मुताबिक देश का वस्तु निर्यात दिसंबर में घटकर 22.29 अरब डॉलर रहा, जो लगातार 13वें महीने की गिरावट है। एक साल पहले की समान अवधि में वस्तु निर्यात 26.15 अरब डॉलर था। आयात भी इस दौरान 3.88 फीसदी गिरावट के साथ 33.96 अरब डॉलर रहा, जो एक साल पहले की समान अवधि में 35.33 अरब डॉलर था। व्यापार घाटा इस दौरान हालांकि बढ़कर 11.66 अरब डॉलर दर्ज किया गया, जो एक साल पहले 9.18 अरब डॉलर था।

चीन द्वारा मंगलवार 19 जनवरी को जारी आंकड़े के मुताबिक 2015 की चौथी तिमाही में उसकी विकास दर 6.8 फीसदी रही, जो तीसरी तिमाही में 6.9 फीसदी थी। पूरे वर्ष के लिए चीन की विकास दर 6.9 फीसदी रही, जो गत 25 वर्ष का निचला स्तर है।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने बुधवार 20 जनवरी को जारी वैश्विक आर्थिक परिदृश्य रिपोर्ट में 2016 और 2017 के लिए वैश्विक विकास दर के अनुमान को घटाते हुए क्रमश: 3.4 फीसदी और 3.6 फीसदी कर दिया।

अंतर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में गुरुवार 21 जनवरी को यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ईसीबी) ने मुख्य ब्याज दर को पुराने स्तर पर बरकरार रखा। ईसीबी ने अपने शाषकीय परिषद की बैठक के बाद एक बयान में कहा, “मुख्य रिफायनेंस ऑपरेशन, सीमांत ऋण सुविधा और जमा सुविधा पर ब्याज दर क्रमश: 0.05 फीसदी 0.3 फीसदी और नकारात्मक 0.3 फीसदी बरकरार रहेगी।” ब्याज दर को निचले स्तर पर बनाए रखकर ईसीबी यूरो जोन में महंगाई दर बढ़ाना चाहता है और सुस्त अर्थव्यवस्था में जान फूंकना चाहता है।

ईसीबी ने साथ ही संपत्ति खरीदने के कार्यक्रम को भी छह महीने के लिए बढ़ा दिया। इसके तहत वह मार्च 2017 तक हर महीने 60 अरब यूरो (करीब 65.4 अरब डॉलर) की संपत्ति खरीद कर बाजार की तरलता बढ़ाता रहेगा।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493