काबुल 20 फरवरी (आईएएनएस)। अफगान सरकार ने इस आशय की खबर को सिरे से खारिज कर दिया कि उनके पास बाल सैनिक भी हैं। सरकार ने इस तरह की रिपोर्ट को आधारहीन बताया।
बख्तर न्यूज एजेंसी के अनुसार, शनिवार को देश के दूसरे उपराष्ट्रपति सरबर दनेश बाल एवं सैन्य संघर्ष पर संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव की दूत लीला जेरेग्वी के साथ बैठक में यह बात कही। उपराष्ट्रति ने कहा, “अफगान सेना में कोई बालक नहीं है।” हालांकि उन्होंने कहा कि रिपोर्ट की जांच की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चत हो जाए कि अफगान सेना में किसी बच्चे की भर्ती नहीं हुई थी।
दनेश ने हालांकि इस बात की पुष्टि की कि दुर्भाग्यवश सशस्त्र विरोधी गुटों में बच्चों का दुरुपयोग होता था और संघर्ष प्रभावित इलाकों में लड़कियां शिक्षा से वंचित रह जाती थीं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अफगान सेना सहित सभी युद्धरत समूह सैनिक के रूप में बच्चों का इस्तेमाल लड़ाई के लिए करते हैं।
दनेश ने कहा कि अफगानिस्तान में गरीबी बच्चों को बुरी तरह प्रभावित कर रही है। इसलिए उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों से मदद की गुहार लगाई, ताकि उनकी सरकार बाल अधिकारों को सुनिश्चित कर सके।
उधर, बाल एवं सैन्य संघर्ष पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने अफगान सरकार की प्रतिबद्धता को उत्साहजनक बताया। जेरेग्वी ने अफगानिस्तान के सभी दलों से कहा कि वे अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का सम्मान करें और सैन्य संघर्ष का बच्चों पड़ने वाले प्रभावों को कम करने के लिए सभी तरह की सतर्कता बरतें।
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