अमित शाह ने शनिवार को बलौदाबाजार जिले के सोनाखान में आयोजित कार्यक्रम में जनता को संबोधित करते हुए कहा, “वीरनारायण सिंह ने 1857 में देश को गुलामी की जंजीरों से मुक्त करने के लिए अंग्रेजों के खिलाफ आजादी के आंदोलन में अपना ऐतिहासिक योगदान दिया और शहीद हो गए। उन्होंने संपन्न लोगों के गोदाम से अनाज निकलवा कर गरीबों को दिलवाया। आजादी के संघर्ष के लिए उनका योगदान इतिहास में अमर हो गया।”
उन्होंने कहा कि जय-पराजय संख्या के आधार पर होती है, लेकिन देशभक्ति और वीरता कभी कम नहीं होती। अमर शहीद वीरनारायण सिंह ने देशवासियों में राष्ट्रप्रेम और गरीबों की सेवा की ऐसी ज्योत जलाई जो सबके लिए प्रेरणादायक है।
शाह ने मुख्यमंत्री द्वारा सोनाखान में वीरनारायण सिंह की आदमकद प्रतिमा लगवाने की घोषणा का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के सभी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सम्मान है।
कार्यक्रम में डॉ. रमन सिंह और अमित शाह ने शहीद वीरनारायण सिंह के वंशज राजेंद्र सिंह दीवान, रामसिंह, अंजोर सिंह और जीराबाई को शॉल तथा श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।
इससे पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में कहा, “देश का पहला खाद्य सुरक्षा एवं पोषण सुरक्षा कानून बनाने और राज्य में गरीबों को सिर्फ एक रुपये किलो में चावल देने की प्रेरणा छत्तीसगढ़ सरकार को अमर शहीद वीरनारायण सिंह से मिली है। उन्होंने 1856 के भीषण अकाल के दौरान छत्तीसगढ़ की अपनी जन्मस्थली और कर्मभूमि सोनाखान क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों को भूख से बचाने के लिए एक संपन्न व्यक्ति के भंडार से अनाज निकलवा कर अकाल पीड़ित जनता में वितरित कर दिया और उनके जीवन की रक्षा की।”
मुख्यमंत्री ने बलौदाबाजार जिले के सोनाखान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अमित शाह को गौर सिंग का मुकुट पहनाकर उनका स्वागत किया।
रमन सिंह ने कार्यक्रम में कहा कि सोनाखान में शहीद वीर नारायण सिंह की आदमकद कांस्य प्रतिमा जल्द लगवाई जाएगी। सिंह ने वहां अमर शहीद के पैतृक मकान और स्थानीय तालाब के जीर्णोद्धार के लिए 15 लाख रुपये मंजूर करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि वीरनारायण सिंह को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद होने का गौरव प्राप्त है।
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