नई दिल्ली, 20 जुलाई (आईएएनएस)। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने महंगाई, बेरोजगारी, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) और सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लेकर नरेंद्र मोदी सरकारी की जमकर आलोचना की और सकल घरेलू विकास (जीडीपी) के आंकड़ों पर सवाल उठाया।
सोनिया ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्यों में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी सरकार पर हमला किया।
कांग्रेस के संसदीय दल की बैठक को यहां संबोधित करते हुए सोनिया ने कहा, “जब विकास व जीडीपी के आंकड़ों की बारी आती है, तो शेखी बघारते हैं और इनकी सत्यता पर उनकी ही पार्टी के नेता सवाल उठाते हैं।”
उन्होंने कहा, “भाजपा ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की सभी महत्वपूर्ण प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) योजना पर रोक लगा दी है। यहां तक की उसने रक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के लिए ‘फ्री फॉर ऑल’ की नीति अपना ली है।”
रोजगार सृजन के मुद्दे पर सोनिया ने कहा कि बीते दो वर्षो में सरकार ने उपलब्धियों का एक बुलबुला बनाने की कोशिश की है।
सोनिया ने कहा, “बीते वर्षो के दौैरान न केवल रोजगारों का सृजन सबसे कम रहा है, बल्कि औद्योगिक कामगारों की छंटनी और निर्यात विनिर्माण में हजारों नौकरियों के खत्म होने से युवाओं व गरीबों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बीते 18 महीनों के दौरान निर्यात में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।”
कांग्रेस अध्यक्ष के मुताबिक, जरूरी वस्तुओं खासकर खाद्य पदार्थो की कीमतें अब तक के सबसे उच्च स्तर पर हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, “मोदी सरकार ने महंगाई पर जो खोखले दावे किए, वे हाल में सामने आ गए। ग्रामीण इलाकों में लोग व्यापक तौर पर तनाव से गुजर रहे हैं, लेकिन मोदी सरकार को इसकी कोई चिंता नहीं है।”
सोनिया ने कहा, “सातवें वेतन आयोग की सिफारिश सरकारी कर्मचारियों व सशस्त्र बलों के साथ अन्याय है, परिणामस्वरूप असंतोष पैदा हुआ है।”
उन्होंने कहा कि संप्रग की पिछली सरकार द्वारा स्थापित पंचायती राज मंत्रालय के पास फंड की कमी है और यह धीरे-धीरे खत्म होने की ओर अग्रसर है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (जीएसपीसी) घोटाले पर भी सरकार को आड़े हाथ लिया और भाजपा शासित राज्यों जैसे महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ में घोटालों का आरोप लगाया।
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