अगरतला, 16 जुलाई (आईएएनएस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने केंद्रीय नगर विकास मंत्री एम. वेंकैया नायडू से पूर्वोत्तर के राज्यों को स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए 90:10 के अनुपात में बजट आवंटित करने का अनुरोध किया है।
इसका आशय होगा कि स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए तय बजट की राशि में 90 फीसदी केंद्र सरकार दे और पूर्वोत्तर के राज्य शेष 10 फीसदी का योगदान दें।
त्रिपुरा के नगर विकास मंत्री माणिक डे ने शनिवार को यहां पत्रकारों को बताया कि माणिक सरकार शुक्रवार को नई दिल्ली में नायडू से मिले और उनसे अपेक्षाकृत पिछड़े पूर्वोत्तर के राज्यों के लिए भिन्न बजट आवंटन प्रणाली अपनाने का अनुरोध किया।
गौरतलब है कि स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए मौजूदा बजट प्रावधान के तहत केंद्र, राज्य का अनुपात 50:50 निर्धारित है।
माणिक डे ने कहा, “वित्त मंत्रालय ने एक सर्कुलर जारी किया था कि केंद्र सरकार द्वारा बनाई कई योजनाओं में बजट का प्रावधान 90:10 के अनुपात में हो।”
डे ने कहा कि पूर्वोत्तर के गरीब राज्य स्मार्ट सिटी परियोजना में लगने वाली भारी-भरकम राशि का बोझ उठाने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने कहा, “माणिक सरकार की ओर से प्रस्ताव दिए जाने के बाद से अब तक नायडू ने अपनी सहमति नहीं जताई है।”
उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के अन्य राज्य भी ऐसी मांग रख चुके हैं।
उल्लेखनीय है कि पूर्वोत्तर क्षेत्र से तीन शहर, गुवाहाटी, इंफाल और अगरतला को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए चुना गया है।
इस परियोजना में शामिल होने के लिए पूर्वोत्तर के अन्य जिन शहरों के बीच प्रतिस्पर्धा है उनमें शिलांग, आइजोल, कोहिमा और पासिघाट शामिल हैं।
हालांकि ये शहर परियोजना में शामिल होने के लिए तय मानकों पर खरे नहीं उतर पाए और कुछ महीनों के बाद तीसरे दौर के मूल्यांकन में फिर से शामिल हो सकते हैं।
माणिक सरकार ने नगर विकास मंत्री नायडू से स्मार्ट सिटी परियोजना के अतिरिक्त केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना (नगर), अटल मिशन फॉर रिजुविनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन, स्वच्छ भारत अभियान और धरोहर विकास एवं संवर्धन योजना के लिए भी केंद्र:राज्य बजट वितरण में राहत देने का अनुरोध किया।
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