नई दिल्ली, 24 जून (आईएएनएस)। यहां की एक अदालत ने बुधवार को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ चुनावी हलफनामे में कथित रूप से गलत जानकारी देने के मामले में दायर एक याचिका पर संज्ञान लिया है।
महानगर दंडाधिकारी आकाश जैन ने स्मृति के खिलाफ दायर निजी शिकायत स्वीकार करते हुए मामले में सम्मन जारी करने से पहले साक्ष्य पेश करने के लिए 28 अगस्त की तारीख तय की है।
अदालत ने एक जून को अहमर खान द्वारा दायर शिकायत पर संज्ञान लेने के संबंध में अपने आदेश को सुरक्षित रख लिया था।
अप्रैल माह में दायर अपनी शिकायत में अहमर ने कहा था कि अपनी शैक्षिक योग्यता के संबंध में कथित रूप से गलत शपथ पत्र देने के मामले में केंद्रीय मंत्री (स्मृति ईरानी) के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
अहमर खान के वकील के.के. मनन ने अदालत में कहा कि ईरानी ने 2004 के लोकसभा चुनाव में दायर हलफनामे में कहा था कि उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से 1996 में बी.ए. स्नातक किया था। लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव में दायर हलफनामे में उन्होंने बताया है कि उन्होंने 1994 में दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम (प्रथम वर्ष) की पढ़ाई की है।
याचिकाकर्ता के वकील ने कहा, “ईरानी द्वारा दिए गए शपथपत्रों ये यह साफ है कि उनकी कोई एक शैक्षिक योग्यता ही सही होगी।”
याचिकाकर्ता ने कहा कि ईरानी ने अपनी संपत्ति के बारे में भी गलत जानकारी दी। याचिकाकर्ता ने कहा कि ईरानी के खिलाफ जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत अपराध की बात स्पष्ट होती है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
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