नई दिल्ली, 29 नवंबर (आईएएनएस)। भारत की प्रमुख स्टैंडएलोन स्वास्थ्य बीमा कम्पनियों में एक मैक्स बूपा ने फेफड़े और ईएनटी विशेषज्ञों समेत लगभग 40 डॉक्टरों के बीच एक सर्वे किया, जिसका उद्देश्य यह जानना था कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के मौजूदा हालात को देखते हुए दिल्ली वासी स्वस्थ रहने के लिए क्या कदम उठाएं। सर्वे में दिल्ली वासियों के लिए पैदल चलने को सबसे उपयुक्त व्यायाम माना गया।
सर्वे में शामिल डॉक्टरों का मानना है कि हवा की गुणवत्ता में लगातार गिरावट के मद्देनजर जॉगिंग करने, दौड़ने और साइक्लिंग की तुलना में पैदल चलने को बेहतर व्यायाम बताया गया। सर्वे किए गए 83 प्रतिशत डॉक्टरों ने बाहर हवा की गुणवत्ता में गिरावट के दुष्परिणामों से बचने के लिए हर दिन पैदल चलने की सलाह दी।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन करते हुए केंद्र सरकार द्वारा गठित पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) ने विभिन्न स्थानीय और वैश्विक कारणों से हवा की गुणवत्ता में और गिरावट का अंदेशा व्यक्त करते हुए इसे दिल्ली वासियों के स्वास्थ्य पर बड़ा खतरा बताया है।
दिल्ली में 27 नवंबर की हवा को ‘स्वास्थ्य के लिए बहुत बुरा’ बताया गया। दिल्ली के कुछ हिस्सों में 2031 यूनिट में पीएम 2.5 का औसत स्तर पिछले कुछ सप्ताह से कम (450-499 निशान) जरूर दर्ज किया गया फिर भी यह सुरक्षा सीमा से 10 गुना अधिक था।
स्वास्थ्य सेवा के जानकारों का कहना है कि ‘खतरा’ कम हुआ मान कर लोग बिना किसी सावधानी घर से बाहर पैदल चलने लगे हैं। हालांकि मैक्स बूपा के सर्वे में डॉक्टरों ने मौजूदा हवा को स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक बताया और लोगों से घर के अंदर ही पैदल चलने की सलाह दी है। उनसे घर के बाहर जा कर अपना नुकसान करने के बदले अंदर ही पैदल चल कर एक्टिव लाइफस्टाइल बनाए रखने की अपील की है।
घर से बाहर निकलने वालों से डॉक्टर ब्रीदिंग मास्क लगाने के साथ-साथ बाहर निकलने का सही समय और यह भी बताते हैं कि कितना समय बाहर रहें। अगले कुछ दिनों में दिल्ली में वायु प्रदूषण में भयानक वृद्धि का खतरा देखते हुए डॉक्टरों की सलाह का ध्यान रखना अधिक आवश्यक हो जाता है।
मैक्स बूपा के एमडी और सीईओ आशीष मेहरोत्रा ने कहा, “हमारा मकसद ग्राहकों को बेहतर स्वास्थ्य और सुखी जीवन देने में सहायक होना है। लेकिन आज हर उम्र के लोगों के स्वास्थ्य पर भयानक प्रदूषण का खतरा है। हम अपने कर्मचारियों, ग्राहकों और सोशल मीडिया पर अपने फॉलोअरों को प्रदूषण के दुष्परिणामों से बचाने के लिए ‘लेट्स ब्रीद बेटर टुगेदर’ कैम्पेन भी शुरू किया है। इसके माध्यम से हम लोगों को प्रदूषण के दुष्परिणामों से बचने और स्वस्थ रहने के बारे में सुझाव देते हैं।”
शारीरिक व्यायाम :
सर्वे में 87 प्रतिशत डॉक्टरों ने प्रदूषण की वजह से शारीरिक व्यायाम जैसे कि पैदल चलने पर रोक को उचित नहीं माना। हालांकि उचित सावधानी जैसे मास्क लगाने को जरूरी बताया गया जैसा कि 93 प्रतिशत डॉक्टरों का कहना है कि इससे प्रदूषण के दुष्परिणाम कम हो सकते हैं। लगभग 70 प्रतिशत डॉक्टरों ने वर्तमान परिस्थिति में प्रति दिन 30 मिनट पैदल चलना उचित बताया।
किसी सामान्य दिन जब पीएम लेवेल मान्य स्तर पर हो 80 प्रतिशत डॉक्टरों की राय में पैदल चलने का सबसे सही समय सुबह सवेरे अर्थात 8 बजे से पहले होता है। दोपहर में चलने की सलाह 10 प्रतिशत से कम डॉक्टरों ने दी। हालांकि वायु प्रदूषण की वर्तमान स्थिति में 25 प्रतिशत डॉक्टर हवा की गुणवत्ता में गिरावट के मद्देनजर दोपहर में पैदल चलने की राय देते हैं।
डॉक्टरों ने मौजूदा हालात में दौड़ने और अन्य कठिन व्यायाम करने से मना किया है क्योंकि इनमें ऑक्सीजन जल्द बर्न होता है।
आहार :
पोषण के बाहरी स्रोतों का भी बराबर महत्व है। 87 प्रतिशत डॉक्टर मानते हैं कि विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत धूप में चलना है इसलिए लोगों को धूप में निकलना चाहिए जब धूप की वजह से प्रदूषण भी कुछ कम होता है। विटामिन डी के लिए 10 प्रतिशत से कम डॉक्टर सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं। आहार में पोषक तत्वों को लेकर सर्वे किए गए 62 प्रतिशत डॉक्टरों ने बताया कि आहार में विटामिन बी, विटामिन सी और बीटाकेरोटीन अधिक मात्रा में लेने से प्रदूषण का प्रतिकूल प्रभाव एक सीमा तक कम हो सकता है। इसलिए इन तत्वों से भरपूर चीजें अधिक खाने की सलाह दी जाती है।
उम्र और शारीरिक स्थिति:
7 वर्ष या उससे कम उम्र के बच्चों के लिए 65 प्रतिशत डॉक्टरों ने घर के अंदर रहने की सलाह दी क्योंकि उनका मानना है कि अधिक प्रदूषण से उन्हें एलर्जी की समस्या हो सकती है जिससे दमे (आस्थमा) की बीमारी का खतरा रहता है। 73 प्रतिशत डॉक्टरों का यह भी मानना है कि सांस और दिल की बीमारियों के मरीज घर के अंदर ही रहें।
dharmpath.com dharmpath