नई दिल्ली, 23 मई (आईएएनएस)। अरुणाचल प्रदेश के नागा समुदाय ने तिराप, चांगलांग और लोंगडोंग (टीसीएल) जिलों को मिलाकर स्वायत्त परिषद बनाने की लंबित अपनी मांग के पक्ष में हस्तक्षेप करने का केंद्र सरकार से आग्रह किया है, ताकि इन क्षेत्रों का सामाजिक-आर्थिक विकास हो सके।
उन्होंने अरुणाचल प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि वह नगाओं की वाजिव मांग को अनसुना कर रही है। नागा समुदाय का कहना है कि वे इन जिलों में विकास का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं और उन्हें ऐसा प्रतीत होता है कि इन जिलों का केवल स्वायत्त परिषद बनाकर ही विकास किया जा सकता है।
टीसीएल क्षेत्र के नागाओं द्वारा जारी बयान में कहा गया है, “केंद्र सरकार को नागाओं की वास्तविक समस्या का पता लगाने और स्वायत्त परिषद की मांग का समर्थन करने के लिए एक समिति का गठन करना चाहिए।”
नागाओं ने आशा व्यक्त की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप से ‘हमारे लोगों का दुख दूर होगा’, जो टीसीएल इलाके का विकास नहीं होने के कारण है।
समुदाय के अनुसार, टीसीएल क्षेत्रों के विकास को लेकर एक स्वायत्त परिषद की मांग को अरुणाचल प्रदेश की पेमा खांडू सरकार जानबूझकर दरकिनार कर रही है।
टीसीएल क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़कों जैसे प्रावधानों के लिए पहल की कमी के मद्देनजर समुदाय ने राज्य सरकार के इरादों पर सवाल उठाया है।
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