नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। नरेंद्र मोदी सरकार सभी तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए ‘कृतसंकल्प’ है और इस दिशा में स्वास्थ्य बीमा योजनाओं की संख्या बढ़ाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने प्रश्नकाल के दौरान लोकसभा को बताया, “हम सचेत हैं। हम स्वास्थ्य बीमा योजनाओं की संख्या बढ़ा रहे हैं, ताकि हम लोगों के इलाज पर आनेवाले खर्च को कम कर सकें, जो कि देश में लोगों को गरीबी रेखा के नीचे ले जाता है।”
उन्होंने एआईएडीएमके के सदस्य के. अशोक कुमार के पूरक प्रश्न के जवाब में यह बात कही, जिन्होंने दावा किया था कि भारत की 80 फीसदी आबादी स्वास्थ्य बीमा के दायरे में नहीं है।
उन्होंने कहा, “केवल अमीर और संचार तक पहुंच वाले लोग ही ऐसी योजनाओं का लाभ उठा पाते हैं।”
वित्त राज्यमंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि सरकार को स्वास्थ्य बीमा कंपनियों द्वारा नियमों के उल्लंघन के बारे में जानकारी है।
एक लिखित जवाब में वित्तमंत्री अरुण जेटली ने 13 कंपनियों की सूची जारी की है, जिन्होंने स्वास्थ्य बीमा नियमों का उल्लंघन किया है।
इनमें न्यू इंडिया इंश्योरेंस, भारती एक्सा जनरल इंश्योरेंस, बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस, फ्यूचर जनरल इंश्योरेंस, एल एंड टी जनरल इंश्योरेंस, श्रीराम जनरल इंश्योरेंस, मैक्स बूपा हेल्थ इंश्योरेंस, युनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस, चोलामंडलम एमएस जनरल इंश्योरेंस, आईसीआईसीआई लोंबार्ड और रिलायंस जनरल इंश्योरेंस शामिल हैं।
गंगवार ने हालांकि कहा कि लोगों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत लोग बहुत ही कम प्रीमीयम पर बीमा कवर प्राप्त कर बीमा योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद उदित राज ने आईसीआईसीआई लोंबार्ड के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा, “यह एक फर्जी कंपनी है।”
गंगवार ने उन्हें आश्वस्त किया कि अगर कोई असामान्य शिकायत है तो वह इस मामले को देखेंगे।
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