भुवनेश्वर, 2 सितम्बर (आईएएनएस)। केंद्रीय मजदूर संगठनों द्वारा 12 सूत्री मांगों को लेकर आहूत दिन भर की हड़ताल के कारण शुक्रवार को ओडिशा में जनजीवन प्रभावित हुआ है।
न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये करने, सार्वजनिक कंपनियों का निजीकरण रोकने, महंगाई पर तुरंत काबू पाने व अन्य मांगों को लेकर 10 प्रमुख मजदूर संगठनों के बैनर तले निजी और सरकारी क्षेत्र के कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हैं।
राज्य पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि हड़ताली कर्मचारियों ने कई जगहों पर सड़कों और रेल पटरियों को जाम कर दिया। इसके अलावा दूकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और कुछ शैक्षणिक संस्थान भी बंद हैं।
राज्य प्रशासन भी कर्मचारियों की हड़ताल के कारण पंगु बना रहा। आन्दोलनकारियों ने सरकारी कार्यालयों के सामने धरना दिया।
भुवनेश्वर और कटक में श्रमिक संगठनों के सदस्यों ने सड़कों पर अवरोध खड़े कर दिए और यातायात रोकने के लिए टायर जला दिए।
सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) के उपाध्यक्ष बिष्णु मोहंती ने कहा, “हमारी मांगों के प्रति केंद्र सरकार की उदासीनता और श्रम कानून में श्रमिक विरोधी बदलावों के विरोध में हम हड़ताल कर रहे हैं।”
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