हैदराबाद/विजयवाड़ा, 2 सितम्बर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की कथित मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ तथा बेहतर वेतन की मांग को लेकर केंद्रीय श्रमिक संगठनों के एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल से तेलंगाना व आंध्र प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुईं।
तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीएसआरटीसी) के कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने से प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन सेवा ठप रही।
हैदराबाद तथा नौ अन्य जिलों में टीएसआरटीसीकी बसें डिपो में ही खड़ी रहीं, जिसके कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
दोनों राज्यों में कुछ जगहों पर ऑटो रिक्शावाले भी हड़ताल में शामिल हुए। बैंकिंग सेवाएं भी प्रभावित हुईं, क्योंकि बैंक कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हुए और उनकी मांगों का समर्थन किया।
हैदराबाद में लोगों को कार्यालय व कार्यस्थल तक पहुंचने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। निजी परिवहन संचालकों ने इस दौरान यात्रियों से मनमाना किराया वसूला।
सरकारी सिंगारेनी कोलियरी कंपनी लिमिटेड के कर्मचारियों की हड़ताल में शामिल होने से कोयले का उत्पादन ठप रहा।
कंपनी को 10 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, क्योंकि आंदोलन के कारण 40 हजार टन कोयले का उत्पादन नहीं हो सका।
आंध्र प्रदेश में हड़ताल का मिलाजुला असर देखने को मिला। आंध्र प्रदेश राज्य परिवहन निगम (एपीएसआरटीसी) के एक धड़े के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए, जबकि दूसरे ने काला बैज लगाकर ड्यूटी की।
कुछ जिलों में एपीएसआरटीसी की बसें सामान्य रूप से चलीं, जबकि अन्य जिलों में सेवा आंशिक रूप से प्रभावित हुई।
विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र में उत्पादन प्रभावित हुआ, क्योंकि कर्मचारियों का एक धड़ा हड़ताल में शामिल हुआ।
ऑटोरिक्शा भी विशाखापत्तनम की सड़कों से नदारद दिखे।
वाम मोर्चे से संबद्ध श्रमिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने हैदराबाद, विजयवाड़ा तथा विशाखापत्तनम में रैलियां निकालीं।
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