चंडीगढ़, 26 नवंबर (आईएएनएस)। हरियाणा में आरक्षण के मुद्दे पर आमने-सामने डटे जाट और सैनी समुदायों की अलग-अलग जगहों पर रविवार को रैलियां शांतिपूर्वक संपन्न हुईं।
दोनों समुदायों की रैलियों में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटनाएं नहीं होने से हरियाणा सरकार और पुलिस ने राहत की सांस ली।
रोहतक के नजदीक जसिया में आयोजित जाट समुदाय की रैली में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति (एआईजेएएसएस) के नेताओं ने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी कि दिसंबर तक उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे समुदाय के लिए आरक्षण को लेकर नए सिरे से प्रदर्शन करेंगे।
एआईजेएएसएस नेता यशपाल मलिक ने रैली को संबोधित करते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार पर जाट समुदाय को आरक्षण प्रदान करने के अपने वादे से मुकरने का आरोप लगाया।
रैली में केंद्रीय मंत्री और जाट नेता वीरेंद्र सिंह और इंडियन नेशनल लोक दल के नेता अभय सिंह चौटाला भी पहुंचे थे।
रैली स्थल पर हरियाणा पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे। गौरतलब है कि 2016 में जाट आंदोलन के हिंसक हो जाने से 30 लोगों की मौत हो गई थी।
उधर, जींद में सैनी समुदाय की रैली में भाजपा नेता और कुरुक्षेत्र से सांसद राजकुमार सैनी ने कहा कि वह किसी भी समुदाय को आरक्षण देने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन आरक्षण आबादी के आधार पर दिया जाना चाहिए और उसमें सभी वर्गो को शामिल किया जाना चाहिए।
हरियाणा में जाट समुदाय को आरक्षण देने के मुखर विरोधी सैनी ने रविवार को 31 सदस्यीय समिति की घोषणा की। यह समिति 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश में एक अलग राजनीति गुट बनाएगी।
सैनी खुद को अन्य पिछड़ी जाति के नेता बताते हैं। उनका कहना था कि राजनीतिक दलों ने वर्षो से ओबीसी समुदाय को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया है।
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