छत्तीसगढ़ राजधानी रायपुर में कांवड़ियों की टोली एक हाथ में कांवड़ और दूसरे हाथ में तिरंगा थामे महादेव का जलाभिषेक करने पहुंची। राजधानी के सड़कों पर तिरंगा पकड़े कांवड़ियों को देखने लोग थम से गए।
कांवड़ियों के एक दल में शामिल उदयराम ने कहा, “हम कांवड़ियों के लिए स्वतंत्रता दिवस व सावन का सोमवार अपने आप में अनोखा है। हम भोलेनाथ से यही प्रार्थना करते हैं कि वे हमारे देश को अखंड रखें।”
सावन माह में भोलेनाथ को जल चढ़ाने का विशेष महत्व है। राजधानी के सबसे प्राचीन हाठकेश्वरनाथ महादेव मंदिर में जल चढ़ाने दूर-दूर से कांवड़िए पहुंचते हैं। लंबी पदयात्रा कर कांवड़िए भोलेनाथ को कांवड़ में जल अर्पित करने पहुंचते हैं।
राजिम के त्रिवेणी संगम से कांवड़ में जलभरकर रायपुर हाठकेश्वर महादेव को जल चढ़ाने भी पहुंचते हैं, तो वहीं वापसी में राजधानी की जीवनदायिनी खारून का जल कांवड़ में भरकर आगे जल चढ़ाने गंतव्य की ओर रवाना होते हैं। इसी कड़ी में आज अद्भुत नजारा राजधानी में देखने को मिला।
राजधानी के मठपारा क्षेत्र की कांवड़ियों की टोली एक हाथ में कांवड़ थामे और दूसरे हाथ में तिरंगा थामे महादेवघाट स्थित हाठकेश्वरनाथ को जल चढ़ाने जाते दिखी।
टोली के एक कांवड़िये उदयराम निषाद ने बताया कि वे दुर्गा चौक, आदर्श नगर मठपारा स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर से कांवड़ में जल भरकर हाठकेश्वरनाथ को जल चढ़ाने जा रहे हैं।
हर टोली में 30-40 लोग शामिल थे। वे एक हाथ में कांवड़ और दूसरे हाथ में तिरंगा थामे हाठकेश्वर धाम जा रहे थे। छोटे-छोटे बच्चे और महिलाएं-युवतियां भी तिरंगा हाथ में थामे गईं।
वे लोग स्वतंत्रता दिवस पर उत्साह से तिरंगा थामे ‘बोलबम’ के नारे के साथ पदयात्रा करते दिखे।
चर्चा के दौरान उदयराम ने कहा कि वे लोग 16 वर्ष से लगातार सावन में हाठकेश्वरनाथ को जल चढ़ाने कांवड़ यात्रा निकालते हैं। इस वर्ष सावन सोमवार व स्वतंत्रता दिवस का अनोखा संयोग होने के कारण हाथ में तिरंगा थामे देश की सौहार्दता और सद्भावना के लिए हाठकेश्वरनाथ से प्रार्थना करने जा रहे हैं।
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