देहरादून, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रख्यात लेखिका नयनतारा सहगल का मानना है कि हिंदुत्व, कट्टरवाद का एक ब्रांड है और हिंदू दक्षिणपंथी, हिदू धर्म को तोड़मरोड़ कर पेश कर रहे हैं। नयनतारा सहगल देश में असहिष्णुता के विरोध में साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाने वालों में पहली लेखिका थीं।
देहरादून, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रख्यात लेखिका नयनतारा सहगल का मानना है कि हिंदुत्व, कट्टरवाद का एक ब्रांड है और हिंदू दक्षिणपंथी, हिदू धर्म को तोड़मरोड़ कर पेश कर रहे हैं। नयनतारा सहगल देश में असहिष्णुता के विरोध में साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाने वालों में पहली लेखिका थीं।
नयनतारा ने दावा किया कि देश में स्थिति आपातकाल के समय से भी बदतर है, लेकिन उनका मानना है कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार जैसे लोगों ने उम्मीदें जगाई हैं।
यहां देहरादून साहित्य महोत्सव से इतर आईएएनएस से खास बातचीत में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय जवाहरलाल नेहरू की भांजी नयनतारा सहगल ने खेद जताते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि हिंदू दक्षिणपंथी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) की तरह बनते जा रहे हैं और हिंदुत्व की इस प्रवृत्ति पर बहस का समय आ गया है।
उन्होंने कहा, “आईएस जैसा रूप ले रहे हिंदुत्व पर हम लोगों को बहस करनी चाहिए। हिंदू दक्षिणपंथी आईएस जैसी आपराधिक भाषा में बातें करते हैं। मैं इस बात को लेकर नाराज हूं कि हिंदुत्व, हिंदू धर्म के साथ क्या कर रहा है। वे लोग इसे तोड़मरोड़ कर बर्बाद कर रहे हैं।”
राष्ट्रवाद पर बहस को नकली बताते हुए उन्होंने कहा कि भाजपानीत केंद्र सरकार ‘भारत माता की जय’ बोलने जैसे ‘मूर्खतापूर्ण’ मुद्दे उठाकर लोगों के मन में डर बैठाने की कोशिश कर रही है।
सहगल ने कहा, “राष्ट्रवाद पर बहस अब अप्रासंगिक हो गई है। राष्ट्रवाद की जरूरत उस समय थी जब देश ब्रिटिश राज के तहत राष्ट्र बनने की लड़ाई लड़ रहा था। उस समय हिंदू दक्षिणपंथियों और मुस्लिम कट्टरपंथियों ने विभाजन का मार्ग प्रशस्त करने में अंग्रेजों का समर्थन किया था।”
कश्मीर के एनआईटी परिसर में संकट उत्पन्न करने के लिए हिंदू दक्षिणपंथी संगठनों को कोसते हुए उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी के समय से ही जम्मू और कश्मीर के बीच संकट उत्पन्न करने के प्रयास हिंदूवादी तत्वों ने शुरू कर दिए थे, जो आज भी जारी हैं।
सहगल ने कहा कि भाजपा कश्मीर में धर्मनिरपेक्षता को खत्म करना चाहती है।
उन्होंने कहा, “कश्मीर भारत में एकमात्र धर्मनिरपेक्ष जगह है जहां विभाजन के समय भी दंगा नहीं हुआ था। यह धार्मिक संस्कृति का महान केंद्र रहा है।”
नयनतारा सहगल ने भाजपा के बी.आर.अंबेडकर और सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रति प्रेम पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी ने इन महान नेताओं को बहुत सालों बाद खोजा है। लेकिन उन्होंने कहा कि कभी नहीं से तो देर होना अच्छा है।
सहगल ने आज देश में आपातकाल से बुरी स्थिति बताते हुए कहा, “प्रधानमंत्री (नरेंद्र) मोदी विदेश में बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। लेकिन, देश में ये लोग विरोध को कुचलते हैं और आज्ञा के पालन के लिए मजबूर करते हैं।”
उन्होंने कन्हैया कुमार जैसे लोगों को उम्मीद की किरण बताते हुए कहा कि दलितों का मुद्दा हैदराबाद विश्वविद्यालय में शुरू हुए आंदोलन के चलते सामने आया है।
भाजपा से लड़ने के लिए महागठबंधन बनाने के बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आह्वान की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की विचारधारा को बचाने के लिए समान विचारधारा वाली पार्टियों को एकजुट हो जाना चाहिए।
राहुल गांधी के बारे में टिप्पणी करते हुए नयनतारा सहगल ने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी में काफी बदलाव आया है और उन्होंने पार्टी की उम्मीदें जगाई हैं।
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