नई दिल्ली, 4 जनवरी (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश कैबिनेट ने गुरुवार को पचास साल से ज्यादा समय से पंजाब और हरियाणा के साथ बिजली बिल के बकाये का निपटारा करने को मंजूरी प्रदान की।
कैबिनेट का यह फैसला भाकड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड की तीन परियोजनाओं से जुड़े मामलों में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में लिया गया।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में कैबिनेट ने दोनों पड़ोसी राज्यों के साथ 10 से 12 साल के दौरान बिजली के अंतर के लिए भुगतान करने के फैसले को मंजूरी दी गई।
शीर्ष अदालत ने तीनों प्रोजेक्ट की बिजली में हिमाचल की हिस्सेदारी को 2.5 फीसदी से बढ़ाकर 7.19 फीसदी कर दिया।
अदालत ने 27 सितंबर 2011 के अपने आदेश में हिमाचल के दावे का कायम रखते हुए एक नवंबर 1966 से राज्य की हिस्सेदारी से इनकार करने के लिए मुआवजा देने का निर्देश दिया।
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