शिमला, 14 जनवरी (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश में सोमवार को मकर संक्रांति के अवसर पर कड़कड़ाती ठंड में हजारों श्रद्धालु नदियों में डुबकी लगा रहे हैं।
अधिकारियों ने कहा कि यहां से 50 किलोमीटर दूर तातापानी में सतलुज नदी में और कुल्लू जिले में स्थित मणिकरण में पार्वती नदी में डुबकी लगाने के लिए बड़ी संख्या में लोग नजर आए।
तातापनी और मणिकरण अपने गर्म पानी के झरनों के लिए जाने जाते हैं, जिनमें बड़ी मात्रा में सल्फर होता है।
राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) द्वारा निष्पादित 800 मेगावाट की कोल्डैम जलविद्युत बिजली परियोजना के निर्माण के बाद तातापानी में सतलुज के किनारे स्थित गर्म पानी के प्राकृतिक झरने विलुप्त हो गए हैं।
इसके जलाशय ने गर्म पानी के झरनों को जलमग्न कर दिया है।
राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए झरने के गर्म पानी में स्नान के लिए कृत्रिम टब बनाए हैं।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने इस अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दी हैं।
इसी तरह, श्रद्धालुओं ने लोकप्रिय पर्यटन स्थल मनाली के बाहरी इलाके में स्थित वशिष्ठ मंदिर में भी पवित्र स्नान किया।
मंदिर ब्यास नदी के बाएं किनारे पर स्थित है। यह भी अपने गर्म पानी के झरनों के लिए जानी जाती है।
मकर संक्रांति गर्मियों के आगमन और रातों की तुलना में लंबे दिनों की शुरुआत का प्रतीक है।
dharmpath.com dharmpath