मुंबई, 10 मार्च (आईएएनएस)। लश्कर-ए-तैयबा आतंकवादी से सरकारी गवाह बने पाकिस्तानी-अमेरिकी डेविड कोलमैन हेडली से मुंबई आतंकवादी हमला मामले में एक विशेष अदालत में 22 मार्च से जिरह शुरू होगी। यह चार दिनों तक होगी। एक कानूनी अधिकारी ने गुरुवार को यहां यह जानकारी दी।
26/11 के मुंबई आतंकवादी हमला मामले में मुख्य आरोपियों में से एक सैयद जबीउद्दीन अंसारी उर्फ अबु जुंदाल के वकील अब्दुल वहाब खान, हेडली से जिरह करेंगे। फरवरी महीने की शुरुआत में अमेरिका की एक जेल से वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए हेडली की मुंबई की एक अदालत में एक सप्ताह लंबी पेशी हुई थी।
इससे पहले खान ने मामले से संबंधित कुछ दस्तावेज व सीडी की मांग करते हुए एक याचिका दायर की। उन्होंने हेडली को मुंबई आतंकी हमले में सरकारी गवाह (अप्रूवर) बनाने पर भी आपत्ति जताई है।
हेडली से जिरह वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए विशेष टाडा न्यायालय के न्यायाधीश जी.ए.सनाप के समक्ष होगी।
सरकारी वकील उज्जवल निकम ने हमले के संबंध में हेडली से एक सप्ताह लंबी पूछताछ की थी, जो 13 फरवरी को खत्म हुई। इस पूछताछ में उसने मुंबई आतंकी हमले में पाकिस्तानी सेना, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की भूमिका का भी खुलासा किया था।
दिसंबर 2015 में हेडली अमेरिका में सरकारी गवाह बनने और मुंबई में हुई आतंकवादी घटना में अपनी भूमिका का खुलासा करने को तैयार हुआ जिसमें 166 लोग मारे गए थे। बदले में उसकी कई बातें मानी गईं।
वकील खान ने बताया कि अगर जरूरत पड़ी तो हेडली से दुबारा जिरह की जाएगी। अभियोजन पक्ष जिरह खत्म होने के बाद भी उससे दोबारा जिरह कर सकता है।
हेडली अमेरिका की जेल में 35 साल कैद की सजा काट रहा है।
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