हैदराबाद, 16 सितम्बर (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने शनिवार को विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में महिलाओं को प्रशिक्षण देने के लिए क्षेत्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान (आरवीआई) की आधारशिला रखी।
इस संस्थान को केन्द्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) द्वारा स्थापित किया जा रहा है। यह संस्थान विद्यानगर इलाके में चार एकड़ जमीन पर 19.95 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा।
इस संस्थान के बनकर पूरा हो जाने पर, इसमें हर साल करीब 1,000 महिलाएं प्रशिक्षित होंगी। साथ ही शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (सीटीएस), शिल्प प्रशिक्षक प्रशिक्षण योजना (सीआईटीएस) के अंतर्गत नियमित पाठ्यक्रमों में 480 महिलाओं की व्यावसायिक प्रशिक्षण आवश्यकताओं को पूरा करने और विभिन्न अल्पावधि पाठ्यक्रमों में भी इतनी ही संख्या में उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किए जाने की उम्मीद है।
नायडू ने हैदराबाद के आरवीटीआई में स्थापित किए जाने के बारे में बताते हुए कहा कि यह महिला सशक्तिकरण के हितों में उठाया गया एक सहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि यह सभी सरकारों समेत ग्राम पंचायत का कर्तव्य है कि वो महिलाओं को सशक्त करें ।
उन्होंने कहा कि कुशल श्रमिकों की दुनिया और भारत में भारी मांग है और जनसांख्यिकीय लाभांश का इस्तेमाल मांग आपूर्ति अंतर को कम करने के लिए करना चाहिए।
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने कहा कि कर्मचारियों की संख्या में महिलाओं की भागीदारी निश्चित रूप से देश की आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देगी।
उन्होंने कहा, “यह सुनिश्चित करने के लिए हमने प्रत्येक राज्य में एक आरवीटीआई स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। एमएसडीई वर्तमान में पूरे भारत में ऐसे 17 संस्थानों को चला रहा है।”
प्रधान ने कहा, “महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए 11 केंद्रीय सरकार संस्थान, 1,408 राज्य महिला आईटीआई और सामान्य महिला आईटीआई में महिलाओं के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसके अलावा महिलाओं के लिए अधिकांश राज्यों में सामान्य आईटीआई में 30 प्रतिशत सीटें भी आरक्षित हैं।”
उपराष्ट्रपति ने पांच प्रधानमंत्री कौशल केंद्र (पीएमकेके) का भी उद्घाटन किया। वह एटा, अलीगढ़, फूलपुर (उत्तर प्रदेश), सिंगरौली और धर (मध्य प्रदेश) में खुलेंगे।
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