हैदराबाद विवि के शिक्षकों ने स्मृति ईरानी के बयान की निंदा की

हैदराबाद, 21 जनवरी (आईएएनएस)। हैदराबाद विश्वविद्यालय के शोध के एक दलित छात्र द्वारा खुदकुशी किए जाने के मामले में गुरुवार को भी विरोध-प्रदर्शन जारी है। वहीं, विश्वविद्यालय के शिक्षकों और छात्रों ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के बुधवार के उस बयान की निंदा की, जिसमें उन्होंने कहा कि पांच छात्रों का निष्कासन करने वाली समिति की अध्यक्षता एक दलित ने की थी।

स्मृति ईरानी के इस बयान से नाराज अनुसूचित जाति/जनजाति के शिक्षकों ने अपना प्रशासनिक पद छोड़ने तक की चेतावनी दी है।

शिक्षकों और छात्रों को केंद्रीय मंत्री के बयान में कई खामियां नजर आ रही हैं। उन्होंने इसे ‘गुमराह करने वाला’ और ‘सच्चाई से परे’ बताया।

इस बीच, छात्रों का प्रदर्शन जारी है। सात छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं, जबकि कुछ ने स्मृति के बयान की निंदा करते हुए उनका पुतला भी फूंका।

अनुसूचित जाति/जनजाति के शिक्षकों एवं अधिकारियों के मंच ने स्मृति के बयान को गलत करार देते हुए कहा कि भौतिकी के प्रोफेसर विपिन श्रीवास्तव ने छह सदस्यीय समिति की अध्यक्षता की थी, न कि एक दलित ने, जैसा कि मंत्री ने दावा किया है।

मंच के अनुसार, समिति में केवल एक दलित सदस्य छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष प्रोफेसर पी. प्रकाश बाबू थे, जो अनुसूचित जाति/जनजाति मंच के अध्यक्ष हैं। उनके पास निर्णय लेने से संबंधित कोई भी अधिकार नहीं था।

स्मृति ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में यह भी कहा था कि छात्रावास के जिस वार्डन ने पांचों छात्रों को निष्कासित किया था, वह भी दलित थे।

इस पर मंच ने कहा कि वार्डन के पास छात्र को निष्कासित करने का कोई अधिकार नहीं होता। उन्होंने केवल अपने वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिए गए आदेश का पालन किया।

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